ग्रीष्मकालीन अवकाश में कटौती समेत अन्य मांगों को लेकर शिक्षकों में भारी असंतोष
मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

राजाखेड़ा। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान के तत्वावधान में खंड शाखा राजाखेड़ा की तरफ से उपखंड मुख्यालय पर उपखंडाधिकारी सुशीला मीणा की अनुपस्थिति में तहसीलदार एवं कार्यवाहक उपखंडाधिकारी दीप्ति देव को मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
राजाखेड़ा खंड शाखा के अध्यक्ष उमेश चंद शर्मा ने बताया कि ग्रीष्मकालीन अवकाश में कटौती, तृतीय श्रेणी वेतन शृंखला के स्थानांतरण नहीं होने, लंबित डीपीसी, संविदा शिक्षकों के नियमितीकरण, आरजीएचएस का सुचारू संचालन, स्टाफिंग पैटर्न, प्रबोधक व तृतीय वेतन शृंखला शिक्षकों की वेतन विसंगति एवं गैर शैक्षणिक कार्यों से शिक्षकों को मुक्त रखने आदि मांगों के पूरे न होने के कारण शिक्षकों का धैर्य अब टूटने की कगार पर है।
इसी संबंध में विगत 10 मई को संघ के प्रदेशाध्यक्ष रमेशचन्द्र पुष्करणा ने संगठन के द्वारा सरकार के खिलाफ आन्दोलन करने की बात प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कही थी जिसकी शुरुआत सर्वप्रथम उपखंड स्तर पर ज्ञापन और धरना प्रदर्शन से की गई है।
मांगे न माने जाने की स्थिति में आंदोलन चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगा तथा जिला संभाग और प्रदेश स्तर पर धरना प्रदर्शन करने के साथ साथ विधानसभा घेराव भी किया जाएगा।
एक ही राज्य में ग्रीष्मकालीन अवकाश को लेकर दोहरा मापदंड शिक्षकों के मनोबल को तोड़ने वाला है।
जहां उच्च शिक्षा में 60 दिन, केन्द्रीय विद्यालयों में 61 दिन तथा नवोदय विद्यालय में 56 दिन का ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया हुआ है जबकि माध्यमिक एवं प्रारंमिक शिक्षा में 45 दिन के अवकाश को घटाकर महज 35 दिन का कर दिया है जो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
इस अवसर पर खंड शाखा अध्यक्ष उमेश चंद शर्मा, मंत्री मोहन सिंह, कोषाध्यक्ष हरेन्द्र शर्मा, प्रधानाचार्य राजेश कुमार, हरिओम सिंह, संजीव कुमार, राहुल सिंह, व्याख्याता लखन बाबू, ऋषिकेश, भूरी सिंह, वरिष्ठ अध्यापक सुमन चौहान, अंकेश कुमार शर्मा, प्रबोधक मुरारीलाल, राकेश कुमार शर्मा, अरुण, आर्यन, शेखर, हिमानी, द्वारका प्रसाद, रीता, तपेंद्र, किशन, गजेन्द्र, श्यामवीर, देवेन्द्र, निखिल, मनीष, हेमेंद्र समेत अनेक शिक्षक गण उपस्थित रहे। ब्यूरो चीफ मनोज राघव धौलपुर