जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं प्रयत्न संस्था धौलपुर के संयुक्त तत्वाधान में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित….

कार्यालय: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण धौलपुर
प्रेस नोट
16.09.2022
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं प्रयत्न संस्था धौलपुर के संयुक्त तत्वाधान में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित

 

साइबर क्राइम एवं बाल संरक्षण के संबंध में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

आज दिनांक 16.09.2022 को सभागार भवन नगर परिषद मचकुण्ड रोड धौलपुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं प्रयत्न संस्था धौलपुर के संयुक्त तत्वाधान में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें साइबर क्राइम एवं किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) संशोधित अधिनियम 2021, बालश्रम (प्रतिबंधित एवं विनियमन) संशोधित अधिनियम 2016 के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया जिसमें अतिथि जिला पुलिस अधीक्षक धौलपुर धर्मेन्द्र सिंह, अतिथि जिला परिषद धौलपुर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी चेतन चौहान, कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) श्रीमती सुनीता मीणा द्वारा की गई।
कार्यक्रम का शुभारम्भ मां सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर किया गया। कार्यक्रम में साइबर क्राइम के बढते अपराधों की रोकथाम एवं आमजन को जागरूक किये जाने के उद्धेश्य से साइबर क्राइम से संबंधित पोस्टर का विमोचन मंचासीन अतिथियों द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सुनीता मीणा द्वारा बिल्डिंग ए साइबर क्राइम फ्री नेशन एवं राजस्थान पीडित प्रतिकर स्कीम के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि पीडित प्रतिकर स्कीम के तहत किसी भी पीडित व्यक्ति को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इस हेतु नियमों के अधीन पीडित या उसके आश्रितों द्वारा किया गया कोई दावा, अपराध होने की तारीख से एक वर्ष की कालावधि के अंदर आवेदन करने का प्रावधान है।
अतिथि जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने साइबर क्राइम के बारे में विस्तार से बताया कि वर्तमान परिवेश में बढते हुए मोबाइल नेटवर्किग एवं सोशल मीडिया का उपयोग लोग अपने काम को सुविधा के अनुसार उपयोग करते हैं परंतु कुछ अपराधी प्रवृति की मानसिकता वाले लोग नेटवर्किंग एवं सोशल मीडिया का उपयोग करते हुए फ्रॉड करते हैं। उन्होंने आमजन से अपील की है कि अपरिचित लोगों से सोशल मीडिया पर चैटिंग, फ्रेण्ड रिक्वेस्ट, मित्रता ना करें। सोशल मीडिया अकाउण्ट पर अपनी प्रोफाइल को लॉक करके रखें। किसी भी यूपीआई पिन का उपयोग पेमेंट करने के लिए होता है, राशि प्राप्त करने के लिए नहीं। इसलिए पेमेंट प्राप्त करते समय यूपीआई पिन का उपयोग नहीं करें। किसी भी अनजान व्यक्ति से प्राप्त लिंक, ओटीपी, गूगल पेमेंट, पेटीएम, फोनपे, ओएलएक्स, व्हाट्सएप, इस्टाग्राम, फेसबुक आदि का सावधानीपूर्वक उपयोग करें।
अतिथि जिला परिषद धौलपुर के मुख्य कार्यकारी चेतन चौहान ने बताया कि बच्चों के साथ साइबर क्राइम कम्प्यूटर, मोबाइल फोन का अत्यधिक उपयोग हो रहा है। लगभग देश में 6 करोड लोग साइबर क्राइम के शिकार हो चुके हैं। धौलपुर में ग्राम पंचायत स्तरीय एवं ब्लॉक स्तरीय बाल संरक्षण समितियों का गठन हो चुका है और बैठकें नियमित करने की आवश्यकता है जिसके लिए विकास अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि नियमित बैठक करके बैठक कार्यवाही विवरण जिला स्तर पर भिजवायें।
प्रयत्न संस्था के सेंटर हेड रजनी जैन ने प्रयत्न संस्था के उद्वेश्य, विजन मिशन के बारे में जानकारी दी और बताया कि प्रयत्न संस्था के कार्यकर्ताओं द्वारा जमीनी स्तर पर बाल सुरक्षा समिति एवं बाल मंच के माध्यम से समुदाय के द्वारा समस्याओं का निदान करने हेतु पंचायत स्तरीय गठित बाल संरक्षण समितियों में मुद्दे रखने हेतु प्रयत्न किया जा रहा है।
बाल संरक्षण विशेषज्ञ एवं एडवोकेसी ऑफीसर राकेश कुमार तिवारी ने किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) संशोधित अधिनियम 2021 के प्रावधानों के बारे में बताया कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा वर्ष 2020 में एक सर्वे किया गया जिसमें किशोर न्याय अधिनियम 2015 के तहत 90 प्रतिशत बच्चे एनजीओ द्वारा संचालित बाल गृहों में प्रवेशित पाये गये और 20 प्रतिशत व्यवस्थाओं का अभाव तथा कर्मचारियों की अनुपस्थित पाये गये साथ ही 3.5 प्रतिशत शौचालय पाये गये। इस अधिनियम में बाल अपराधों को 3 श्रेणियों जघन्य अपराध, गंभीर अपराध व सामान्य अपराध में विभाजन किया गया। दत्तक गृहण प्राधिकरण ऐजेंसियों में नये प्रावधानों के अंतर्गत जिला कलक्टर को एडोप्शन एजेंसी का निर्णायक माना है। इस संबंध में अपीलकर्ता अगर कोई अपील करता है तो वह अपीलीय अधिकारी संभागीय आयुक्त को माना गया है और इस अधिनियम में शब्दावलियों का परिवर्तन किया गया है जिसमें बच्चे की गरिमा, भावना एवं उनका सम्मान रखा जावे साथ ही बाल श्रम की कार्यवाही में जो अंतर आ रहे हैं वह साक्ष्य देने में जिम्मेदार एजेंसियां अपनी जिम्मेदारी से कर्तव्य को पूर्णतः निभाने में पूर्णतः असफल हो रही हैं। इसलिए सभी बाल संरक्षण की सभी एजेंसियों से अपील करते हैं कि सभी ऐजेंसियां एक साथ मिलकर बच्चों के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए कार्य करें ताकि हम नाबालिग बच्चों का संरक्षण व सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
उक्त कार्यक्रम में पूर्व बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष बिजेन्द्र सिंह परमार, साइबर सैल के अमित शर्मा, जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक विश्वदेव पाण्डे, चाइल्ड लाईन की जिला समन्वयक रीना त्यागी द्वारा अपने विचार व्यक्त किये।
कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति के सदस्य नरगिस सरीफी, बृजेश मुखरिया एवं जिले के सभी थानों के बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरालीगल वॉलियन्टर्स, प्रयत्न संस्था, जिला चाइल्ड लाईन, रेलवे चाइल्ड लाईन एवं स्वयं सेवी संस्थाओं के लगभग 80 प्रतिभागियों ने उपस्थित होकर प्रशिक्षण का लाभ प्राप्त किया।
कार्यक्रम में मंच का संचालन प्रयत्न संस्था के परियोजना अधिकारी मुकेश कौशिक द्वारा किया गया।
विनीत गोयल
स्टेनो
कार्यालय- जिला विधिक सेवा प्राधिकरण
धौलपुर

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