अयोध्या में 37 घाटों पर 15 लाख 76 हजार दीप जलाए गए

मुंगेर: दीवाली प्रकाश का पर्व है और इसे लोग धूमधाम से मनाते हैं. सभी लोग इस पर्व को अपने संसाधन और सामर्थ्य के हिसाब से मनाते हैं. इस पर्व में कोई 1 दीप जला कर मनाता है तो कोई लाखों दीप जलाकर. एक तरफ रविवार को अयोध्या में 37 घाटों पर 15 लाख 76 हजार दीप जलाए गए. जिसके साक्षी खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बने. दूसरी तरफ इसी तरह का नजारा बिहार के मुंगेर जिला अंतर्गत कल्याणपुर में देखने को मिला है, जहां 6 लाख मिट्टी के दीये जलाकर राज्य की सबसे बड़ी दिवाली का रिकॉर्ड बना है.

6 लाख दीये को रोशन करने में कई दिनों से लगे थे 350 कार्यकर्ता

बिहार राज्य के मुंगेर जिला के कल्याणपुर में 10 हजार के आबादी का गांव है. इस गांव में सभी लोग आपसी प्रेम और भाईचारे के साथ रहते हैं. जहां कोई भी कार्य ठानने पर अच्छे से अच्छा हो जाता है.वही रविवार की शाम इस गांव में एक साथ 6 लाख दीप जलाकर राज्य की अबतक की सबसे बड़ी दिवाली का रिकार्ड हासिल किया है. इस काम को पूरा करने में पिछले कई दिनों से डॉ. नीतीश चंद्र दुबे, यूथ क्लब कल्याणपुर और श्री राम सेना दल के 350 कार्यकर्ता लगे हुए थे.

माँ बड़ी दुर्गा महारानी के द्वार से NH-80 तक जलाया गया दीप

कल्याणपुर के बड़ी दूर्गा महारानी के मंदिर प्रांगण में 51 हजार दीप को गाय के शुद्ध देशी घी से जलाया गया. वहीं प्रांगण के गंगा नदी के तट से दुर्गा मंदिर के मैदान से एनएच -80 तक 5 लाख 49 हजार दीप तिल के तेल से जलाए गए. गंगा नदी में 150 नाव को जोड़कर उसे सांप का आकार बनाकर उस पर गंगा आरती भी की गई. इस विहंगम दृश्य और भव्य आयोजन का साक्षी बनने के लिए हजारों लोग उपस्थित थे.

लोगों ने मिलकर जलाया 6 लाख दीया

इस दीपोत्सव कार्यक्रम को देखने के लिए काफी भीड़ उमड़ पड़ी. कार्यक्रम में आये लोग दीप जलाते दिख रहे थे. खासकर छोटी बच्चियां, लड़की और महिलाओं की जोरदार भागीदारी रही. इस दीपोत्सव को देखने पूरे बिहार से लोग आये थे. जिसमे मुख्य रूप से भागलपुर डीआईजी विवेकानंद कुमार, तारापुर डीएसपी पंकज कुमार, भागलपुर मेयर सीमा साह, भागलपुर जिप अध्यक्ष टुनटुन साह, भागलपुर उप मेयर राजेश वर्मा, पूर्व एमएलसी संजय प्रसाद, जीप सदस्य दुर्गेश सिंह, बंटी यादव, ठाकुर प्रियदर्शी, तारापुर थानाध्यक्ष राजेश रंजन, बरियारपुर अमरेंद्र कुमार, यातायात थानाध्यक्ष ब्रजेश कुमार सहित सैकड़ों गणमान्य उपस्थित थे.

दीपोत्सव को देखने आये लोगों ने की कार्यक्रम की सराहना

दीपोत्सव देखने असरगंज से पहुंचे डॉ.संजय उपाध्याय ने कहा कि इतने बड़े कार्यक्रम के आयोजन के लिए डॉ. नीतीश दुबे और कल्याणपुर वासी बधाई के पात्र हैं. अपने जीवन में इतना बड़ा दीपोत्सव नहीं देखा था. वही दीपोत्सव देखने आए डॉ. सुधांशु कुमार, पूजा उपाध्याय, स्वाति उपाध्याय ने कहा कल्याणपुर में दीपोत्सव के जरिये राज्य की सबसे बड़ी दिवाली मनाई गई है. बिहार वासियों को डॉ. नितीश दुबे और कल्याणपुर वासियों पर गर्व है. इस कार्यक्रम में आकर बहुत अच्छा लगा और खुद भी दीप जलाकर इस पावन कार्यक्रम का गवाह बना.

डीआईजी और डीएसपी ने की कार्यक्रम की सराहना

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में भागलपुर के डीआईजी विवेकानंद और विशिष्ट अतिथि तारापुर डीएसपी पंकज कुमार थे. जहां डीआईजी ने इस बड़े आयोजन करने के लिए डॉ. नीतीश दुबे को बधाई दी, साथ ही उन्होंने कहा सभी पढ़ लिखकर अपने गांव घर से बाहर चले गए. लेकिन डॉ. नीतीश दुबे अपनी गांव की मिट्टी में रहकर यहां के लिए बहुत कुछ कर रहे हैं. जिसके लिए इन्हें फिर से बधाई देता हूं. वहीं डीएसपी पंकज कुमार ने कहा इस दीपोत्सव और गंगा आरती में आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. यह देखकर काफी आनंद और हर्ष हुआ और प्रेरणा दायक लगा. इस गांव के लाल डॉ.नीतीश दुबे अपने मिट्टी से जुड़कर हैं और यहां बड़े-बड़े आयोजन करते हैं, जो निश्चित रूप से हमारे लिए दर्शनीय और आकर्षण का विषय रहता है. आगे उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में यह आयोजन को और बड़ा रूप दिया जाएगा.

डॉ.नीतीश दुबे ने कहा दुनिया की सबसे बड़ी दुर्गा प्रतिमा की होगी स्थापना

इस कार्यक्रम के मुख्य आयोजक डॉ. नीतीश दुबे ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के अयोध्या की दीपोत्सव से प्रेरणा मिली और यह कार्यक्रम अपने गांव में पिछले 4 साल लगातार करते करते आ रहे हैं. दीप की संख्या 2019 में 1.75 लाख 2020 में 2.5 लाख, 2021 में 5 लाख और इस बार 6 लाख दीप जलाए गए. कल्याणपुर के सभी ग्रामीण, यूथ क्लब कल्याणपुर के सभी युवा और श्री राम सेना दाल के कार्यकर्ताओं की मेहनत से यह संभव हो पाया है. साथ ही उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम लगातार हर वर्ष चलता रहेगा और एक दिन कल्याणपुर विश्व रिकॉर्ड बनाएगा. आगे उन्होंने कहा कि गांव की बड़ी दुर्गा महारानी 358 वर्ष पुरानी है और काफी शक्तिशाली है और मन्नत मांगने पूरी होती है. इसलिए अगले दुर्गापूजा को लेकर दस दिन बाद से ही बड़ी दुर्गा महारानी के प्रांगण गंगा नदी के तट पर माता दुर्गा की 100 फुट की स्थायी प्रतिमा का निर्माण होगा जो अब तक का दुनिया का सबसे बड़ा दुर्गा माता की प्रतिमा होगी.

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