कांग्रेस सेवादल द्वारा संविधान दिवस मनाया गया संविधान का पिता कहा जाता है डाॅ. भीमराव अंबेडकर को

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एंकरिंगछिन्दवाड़ा-: कांग्रेस सेवादल जिलाध्यक्ष सुरेश कपाले ने बताया कि आज कांग्रेस सेवादल द्वारा कांग्रेस सेवादल कार्यालय मे भारतीय संविधान दिवस मनाया गया। इस अवसर पर राष्ट्र निर्माताओ व देश के महापुरूषो की प्रतिमाओ पर माल्यार्पण किया गया और भारतीय संविधान के संबंध मे वक्ताओ ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए । इस अवसर पर यह बताया गया कि भारतीय संविधान विश्व का सबसे बड़ा स्वरचित संविधान है। भारतीय संविधान मे मनुष्य के मौलिक अधिकारो के संरक्षण के लिए मौलिक अधिकारो का उल्लेख किया गया है जिसमे सबसे महत्वपूर्ण है समानता का अधिकार जिसे मुख्य रूप से संविधान मे समाज के बीच मे समान रूप से रहने की भावना बताया है साथ ही साथ संविधान के प्रति कर्तव्य एवं नीति निर्देशक तत्वो का भी उल्लेख किया गया है। 24 जुलाई 1946 मे संविधान निर्माण को लेकर पहली बैठक हुई इसके अस्थाई अध्यक्ष सच्चिदानंद सिंहा जी थे। इसके पश्चात 11 दिसंबर 1946 को राजेन्द्र प्रसाद जी को संविधान निर्माण समिति का स्थाई अध्यक्ष बनाया गया और संविधान निर्माण के लिए विभिन्न समितियो का निर्माण किया गया। जिसके प्रारूप समिति के अध्यक्ष के रूप मे डाॅ. भीमराव अंबेडकर जी को नियुक्त किया गया। भारतीय संविधान का वाचन 14 नवंबर 1949 से प्रारंभ होकर 26 नवंबर 1949 तक चलता रहा। डाॅ.राजेन्द्र प्रसाद जी के हस्ताक्षर के द्वारा 26 नवम्बर 1949 को प्रस्तावना पारित की गयी और 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान लागू किया गया । इस संविधान के निर्माण में पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, मौलाना अब्दुल कलाम, आचार्य कृपालानी, कृष्णाचार्य व डाॅ. भीमराव अम्बेडकर जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। भारतीय संविधान में 395 अनुच्छेद 5 अनुसूचियाॅं हैं। भारतीय संविधान में भारत सरकार को विधि के अनुसार चलाने की व्याख्या की गयी। भारतीय संविधान में अल्पसंख्यकों को विशेष दर्जा दिया गया हैं। इस तरह भारतीय संविधान के महत्व के संबंध में सभी वक्ताओं ने अपने -अपने विचार व्यक्त किये। आज के इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से राकेश मरकाम, दिनेश डेहरिया, शबाना यास्मीन खान, सीमा शुक्ला, पंचम अमरोदे, शिशु डेहरिया, जुगनू धुर्वे, सतीश डेहरिया, संजय शेंडे, दीपक घोरसे, विनोद चौरे, रंजीत रविकर, हरि पटेल, रमाकांत सातनकर आदि प्रमुख उपस्थित हुये।ब्रेकिंग न्यूज़

एंकरिंगछिन्दवाड़ा-: कांग्रेस सेवादल जिलाध्यक्ष सुरेश कपाले ने बताया कि आज कांग्रेस सेवादल द्वारा कांग्रेस सेवादल कार्यालय मे भारतीय संविधान दिवस मनाया गया। इस अवसर पर राष्ट्र निर्माताओ व देश के महापुरूषो की प्रतिमाओ पर माल्यार्पण किया गया और भारतीय संविधान के संबंध मे वक्ताओ ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए । इस अवसर पर यह बताया गया कि भारतीय संविधान विश्व का सबसे बड़ा स्वरचित संविधान है। भारतीय संविधान मे मनुष्य के मौलिक अधिकारो के संरक्षण के लिए मौलिक अधिकारो का उल्लेख किया गया है जिसमे सबसे महत्वपूर्ण है समानता का अधिकार जिसे मुख्य रूप से संविधान मे समाज के बीच मे समान रूप से रहने की भावना बताया है साथ ही साथ संविधान के प्रति कर्तव्य एवं नीति निर्देशक तत्वो का भी उल्लेख किया गया है। 24 जुलाई 1946 मे संविधान निर्माण को लेकर पहली बैठक हुई इसके अस्थाई अध्यक्ष सच्चिदानंद सिंहा जी थे। इसके पश्चात 11 दिसंबर 1946 को राजेन्द्र प्रसाद जी को संविधान निर्माण समिति का स्थाई अध्यक्ष बनाया गया और संविधान निर्माण के लिए विभिन्न समितियो का निर्माण किया गया। जिसके प्रारूप समिति के अध्यक्ष के रूप मे डाॅ. भीमराव अंबेडकर जी को नियुक्त किया गया। भारतीय संविधान का वाचन 14 नवंबर 1949 से प्रारंभ होकर 26 नवंबर 1949 तक चलता रहा। डाॅ.राजेन्द्र प्रसाद जी के हस्ताक्षर के द्वारा 26 नवम्बर 1949 को प्रस्तावना पारित की गयी और 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान लागू किया गया । इस संविधान के निर्माण में पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, मौलाना अब्दुल कलाम, आचार्य कृपालानी, कृष्णाचार्य व डाॅ. भीमराव अम्बेडकर जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। भारतीय संविधान में 395 अनुच्छेद 5 अनुसूचियाॅं हैं। भारतीय संविधान में भारत सरकार को विधि के अनुसार चलाने की व्याख्या की गयी। भारतीय संविधान में अल्पसंख्यकों को विशेष दर्जा दिया गया हैं। इस तरह भारतीय संविधान के महत्व के संबंध में सभी वक्ताओं ने अपने -अपने विचार व्यक्त किये। आज के इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से राकेश मरकाम, दिनेश डेहरिया, शबाना यास्मीन खान, सीमा शुक्ला, पंचम अमरोदे, शिशु डेहरिया, जुगनू धुर्वे, सतीश डेहरिया, संजय शेंडे, दीपक घोरसे, विनोद चौरे, रंजीत रविकर, हरि पटेल, रमाकांत सातनकर आदि प्रमुख उपस्थित हुये।