तीन मासूमों के सिर से छिना माता-पिता का साया,

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बेमेतरा:  तीन मासूमों के सिर से छिना माता-पिता का साया,पूरा मामला चरगवां गांव का सड़क दुर्घटना में हुई दोनों की मौत, स्वजनों ने सीएम से लगाई गुहार
अभिभावक के निधन से बच्‍चे सदमे में है। इतनी कम उम्र में बच्चों के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। माता-पिता को याद कर बच्चे रोने लगते है। उनकी स्थिति सुनकर क्षेत्रवासियों की आंखे बरबस नम हो रही है।

रोशन यादव R9 भारत टिवी ब्यूरो चीफ बेमेतरा

बेमेतरा/ नवागढ़ शनिवार की सुबह बच्चों ने अपने मां- पिता को रायपुर में चल रहे सरपंच संघ आंदोलन के लिए विदा किए थे, लेकिन इन मासूमों को क्या मालूम था कि वे 24 घंटे के भीतर इस दुनिया से ही विदा ले लेंगे।

अभिभावक के निधन से बच्‍चे सदमे में है। इतनी कम उम्र में बच्चों के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। माता-पिता को याद कर बच्चे रोने लगते है। उनकी स्थिति सुनकर क्षेत्रवासियों की आंखे बरबस नम हो रही है। वहीं दूसरी तरफ शासन से अभी तक परिवार की सुध लेने कोई नहीं पहुंचा। मृतक के परिजन आर्थिक तंगी से जूझ रहें है। जो घोषणा हुई है उसकी राशि यदि जल्दी मिले तो परिवार को राहत होगी।

ज्ञात होकि विधानसभा अंतर्गत ग्राम चरगवा के सरपंच धर्मीन निषाद वपति कौशल निषाद की मौत रायपुर से लौटते वक्त सड़क दुर्घटना में हो गई थी। जिनका अंतिम संस्कार स्थानीय मुक्ति धाम में रविवार किया गया। तकरीबन चार बजे दोनों का पार्थिव शरीर ग्राम चरगवा पहुंचा। जिसकी सूचना ग्रामीणों को मिलते ही अंतिम दर्शन के लिए स्थानीय लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। वहीं नम आंखों से ग्राम पंचायत चरगवा समेत सरपंच संघ और स्वजनों ने विदाई दी।

 

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बच्चों के सिर से अभिभावक का हटा साया : मृतक सरपंच के भाई किशन निषाद ने बताया कि उनके तीन बच्‍चे हैं। जिनमें सबसे बड़ी लड़की और दो लड़के हैं। लड़की का नाम आंचल निषाद (15) है । जो दसवीं कक्षा की छात्रा है। वहीं बड़ा लड़का दीपक निषाद (13) है । जो नौवीं कक्षा में अध्ययनरत है। छोटे लड़के का नाम चैतू निषाद (8) है। जो तीसरी कक्षा में पढ़ाई कर रहें है। किशन ने कहा कि भाई होने के नाते जो जिम्मेदारी होगी पूरा परिवार मिलकर निभाएगे, लेकिन बच्चों के सिर से अभिभावक का साया हट गया।

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बता दें कि मेन चौक में चले बवाल केबाद स्वजनों में आस जगी थी की परिवार को लोगों का साथ मिलेगा ।लेकिन ऐसा होता नहीं दिख रहा है। बता दे कि सिर से अभिभावक का साया हट जाने से बच्चों का रो-रो के बुराहाल हो गया है। नईदुनिया की टीम ग्राम पंचायत चरगवा के आश्रित ग्राम सारंगपुर पहुंची। गांव में सन्नााटा पसरा हुआ था। लोगों से मृतक सरपंच धर्मीन निषाद के घर का पता पूछते हुए टीम उनके निवास स्थान पहुंची। जहां सरपंच धर्मीन के देवर किशन निषाद से मुलाकात हुई और आंसू को पोछते हुए उन्होंने परिवार की आपबीती बताई।

 

ग्रामीणों ने बताया की निषाद परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। सरपंच का पूरा परिवार एक कमरे के मकान में रहते है। उनके आय का मुख्य साधन मजूरी ही था। उनकेपिता बालाराम निषाद के चार बेटे सत्रोहन निषाद, कौशल निषाद, किशन और रामकिशुन निषाद है। इनमें कौशल निषाद दूसरे नंबर केहै। सभी भाई और माता-पिता अलग-अलग रहते है। ऐसे में अब सरपंच केबच्चों की जिम्मेदारी कौन उठाएगा। यह निषाद परिवार के लिए चुनौती बन गई है।

मृतक चरगवा सरपंच धर्मीन के ससुर और कौशल निषाद के पिता बालाराम नेस्थानीय विधायक सहित प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग करते हुए गुहार लगाई है। तीनों बच्चों के बेहतर भविष्य के लिएस्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय में दाखिले के साथ ही शासकीय नौकरी देने की उचित व्यवस्थ्था की जाए।