पूर्वी चंपारण जिला के चिरैया प्रखंड के परेवा पंचायत के परेवा तुरहा टोली में, नवयुवक सेवा समिति के तत्वधान में हर्षोल्लास के साथ शांतिपूर्ण ढंग से तुरहा समाज द्वारा चार दिवसीय लक्ष्मी पूजा के आयोजन को संपन्न किया गया।
इस परंपरा में एक दीपावली पर्व पर मिट्टी के दीये जलाना भी है। जिसको आज लोग भूलते जा रहे हैं और उसकी जगह पर इलेक्ट्रानिक लाइटों का उपयोग कर रहे हैं। बता दें कि हिंदू परंपरा में मान्यता है कि मिट्टी का दीपक जलाने से घर में सुख, समृद्धि और शांति का वास होता है। मिट्टी को मंगल ग्रह का प्रतीक माना जाता है। मंगल साहस, पराक्रम में वृद्धि करता है और तेल को शनि का प्रतीक माना जाता है। शनि को न्याय और भाग्य का देवता कहा जाता है। मिट्टी का दीपक जलाने से मंगल और शनि की कृपा प्राप्त होती है। आज देश में पर्यावरण संकट के साथ-साथ कई तरह की समस्या उत्पन्न हो रही है। जिसके चलते सभी लोग और जीव-जंतु के जीवन पर संकट है। जिसको आज लोग भूलते जा रहे हैं और उसकी जगह पर इलेक्ट्रानिक लाइटों का उपयोग कर रहे हैं।
दीवाली प्रकाश का पर्व है और इसे लोग धूमधाम से मनाते हैं. सभी लोग इस पर्व को अपने संसाधन और सामर्थ्य के हिसाब से मनाते हैं. इस पर्व में कोई एक दीप जला कर मनाता है तो कोई लाखों दीप जलाकर मनाते है।
इस साल से लक्ष्मी पूजा करने के लिए समिति द्वारा बहुत ही सराहनीय पहल की गई है जिसमे अध्यक्ष अमित केसरी, सचिव सुधीर ठाकुर, कोषाध्यक्ष राहुल साव, सलाहकार जितेंद्र शाह, उपाध्यक्ष आलोक केसरी, उपसचिव सुनील शाह, उपकोषाध्यक्ष राजेश साह,तथा समिति सदस्य सह कार्यकर्त्ता शिवमंगल साह, संतोष साह,राकेश साह, गुड्डू साह,अनिल साह, दिलीप साह,नितेश साह,करण साह,दीनानाथ साह,विद्यासागर साह, अखिलेश कुमार आदि कार्यकर्ता और सभी ग्रामवासी तथा शिकारगंज थाना प्रशासन के सहयोग से संपन्न किया गया।