पूरे बिहार में सबसे कम उम्र की पंचायत समिति बनी लक्ष्मी, 21 की उम्र में बनाया रिकॉर्ड

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 बिहार की राजनीति में यह खामी सबसे ज्यादा दिखाई देती है कि कोई भी शख्स जो पढ़ा लिखा नहीं है वो भी चुनाव लड़कर लोगों का जनप्रतिनिधि बन जाता है। राजनीति में हमेशा से पढ़े-लिखे लोगों की कमी रही है लेकिन इन सब के बीच एक अच्छी खबर यह है कि बिहार के जमुई जिले से सबसे कम उम्र की युवती न सिर्फ पंचायत समिति निर्वाचित की गयी है बल्कि वह शिक्षित है।बिहार में अब तक के सबसे कम उम्र की समिति बनने का रिकॉर्ड खैरा प्रखंड के विशनपुर पंचायत भाग संख्या दो के लक्ष्मी कुमारी ने बनाया है।

जिले के विशनपुर पंचायत की सबसे कम उम्र की पंचायत समिति लक्ष्मी कुमारी बनी है।लक्ष्मी महज 21 वर्ष की हैं। उन्होंने समिति पद का चुनाव 108 वोटों से जीता है। नवनिर्वाचित पंचायत समिति लक्ष्मी कुमारी को 665 मत प्राप्त हुए तो वही उनकी प्रतिद्वंदी रहें इरफान खान को 557 मत प्राप्त हुआ।

लक्ष्मी कुमारी ने अपने जीत का श्रेय जनता को दिया है।लक्ष्मी से जब उनकी जीत और इतनी कम उम्र में राजनीति में एंट्री को लेकर सवाल किए गए तो उन्होंने बताया है कि क्षेत्र में काफी समस्याएं हैं। इन समस्याओं और भ्रष्टाचार को दूर करने को लेकर वो पंचायत चुनाव लड़ी थीं। पंचायत की जनता ने जो भरोसा करके जिताया है उसे कभी मैं टूटने नहीं दूंगी।लक्ष्मी ने इग्नू से हिस्ट्री ऑनर्स से बीए भी कर रही है और आगे भी पढ़ाई जारी रखना चाहती है। नवनिर्वाचित पंचायत समिति लक्ष्मी कुमारी अन्य युवाओं के लिए एक प्रेरणा हैं। लक्ष्मी ने बताया कि जिस भी क्षेत्र में आप काम करते हैं उस क्षेत्र में कड़ी मेहनत और लगन के साथ काम करना चाहिए। सफलता के पीछे आप नहीं सफलता आपके पीछे रहेगी। 21 साल की लक्ष्मी अपने पिता को आदर्श मानती हैं। लक्ष्मी कुमारी पूर्व प्रखंड प्रमुख सदस्य कामदेव यादव की पुत्री हैं।