प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ के पदाधिकारियों ने संसदीय सचिव से की मुलाकात पुरानी पेंशन का लाभ दिलाने एक सूत्रीय मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन

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 महासमुन्द। प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ महासमुंद ने अपनी एक सूत्री मांग पुरानी पेंशन के लिए संसदीय सचिव व विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर को ज्ञापन सौंपा। जिस पर उन्होंने उनकी मांगों की ओर शासन का ध्यानाकर्षित कराने का आश्वासन दिया।

आज रविवार को प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ के पदाधिकारियों ने संसदीय सचिव निवास पहुंचकर संसदीय सचिव व विधायक श्री चंद्राकर से मुलाकात की। इस दौरान पदाधिकारियों ने बताया कि  1998-99 में तत्कालीन कांग्रेस शासन द्वारा शिक्षाकर्मी भर्ती योजना 1997 के तहत मध्य प्रदेश शासन अंतर्गत स्थानीय निकायों जनपद पंचायत/जिला पंचायत एवं नगरी निकाय द्वारा शिक्षा विभाग के आदेशानुसार शिक्षाकर्मी वर्ग 1 ,2 ,3 की भर्ती शिक्षा विभाग के रिक्त पदों के विरुद्ध की गई थी।  शिक्षकों की परिवीक्षा अवधि पूर्ण होने पर नियमितीकरण किया गया है एवं सेवाएं अब तक शिक्षा विभाग में निरंतर जारी है। एक ही विभाग में 98-99 से अब तक नियमित कार्य करते रहे हैं ,अल्प वेतन और उपेक्षा पूर्ण वातावरण में प्रदेश के दूरस्थ ग्राम्यांचलों में शिक्षण कार्य करते रहे हैं। प्रशासनिक निर्देश  वित्तीय संपोषण भी शिक्षा विभाग से जारी होता रहा है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जुलाई 2018 में प्रथम नियुक्ति तिथि एवं सेवा काल के आधार पर शिक्षा विभाग  में संविलियन किया गया है, लेकिन शिक्षकों के पूर्व सेवा को विभाग द्वारा शून्य माना जाना इनके संवैधानिक अधिकार का हनन और सेवाओं का हरण है ,जो पेंशन अधिनियम 1972 की नियम 26 का स्पष्ट उल्लंघन है। सन् 2004 में वन नेशन वन पेंशन के तहत छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली शुरू की गई जिसके तहत 2004 के बाद नियुक्त सभी कर्मचारी एनपीएस के लिए पात्र होंगे और 2004 के पूर्व नियुक्त सभी कर्मचारी एनपीएस के लिए यथावत पात्र माने जाएंगे। नियम को नजरंदाज कर शिक्षक एलबी  संवर्ग को 2012 से एनपीएस से जोड़ा गया है। यह शिक्षकों के साथ पक्षपात पूर्ण कार्य वाही है इनकी नियुक्ति उपरांत नियमितीकरण 2004 के पूर्व है जो प्रदेश के अन्य कर्मचारियों के समतुल्य हैं तो शिक्षक एल बी को भी पुरानी पेंशन से संबद्ध किया जाना था । प्रदेश में 2004 के पूर्व नियुक्त शिक्षक एलबी संवर्ग के कर्मचारी लगभग 14000 है जिसमें से कुछ सेवानिवृत्त हो चुके हैं जिनको पेंशन के रूप में 800-900 रु मासिक मिल रहा है और  कुछ कर्मचारी सेवानिवृत्ति के करीब है। सेवा आरंभ और सेवा काल के आधार पर पुरानी पेंशन योजना के हकदार हैं । अभी सेवानिवृत्  होने वाले शिक्षक एलबी संवर्ग को एनपीएस से जीवन जीने योग्य पेंशन राशि नहीं मिलेगी। छत्तीसगढ़ प्रदेश में ही दैनिक वेतन भोगी, नैमित्तिक, आकस्मिक निधि से नियुक्त अन्य विभाग के कर्मचारियों को जिनकी नियुक्ति 2004 के पूर्व हुई थी को विभाग में संविलियन कर उन्हें पुरानी पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। जिस पर संसदीय सचिव श्री चंद्राकर ने उनकी मांगों की ओर शासन का ध्यानाकर्षित कराने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ के अनिल ढीढी ब्लाक अध्यक्ष एवं प्रांतीय कार्यकारिणी, नवीन चन्द्राकर प्रांतीय सचिव, श्रवण सिन्हा प्रांतीय कार्यकारिणी, भुनेश्वर साहू जिला पदाधिकारी, श्यामलाल मन्नाडे जिला पदाधिकारी, कन्हैया साहू जिला पदाधिकारी, भरत कन्नौजे जिला पदाधिकारी, लोकनाथ ठाकुर कार्यकारी ब्लॉक अध्यक्ष, उदेराम साहू, ब्लाक संयोजक, वेद राम गिलहरे कोषाध्यक्ष, खेमराज साहू, भुवन कन्नौजे , भीखम कश्यप, धर्मराज चंद्राकर, सत्य प्रकाश साय, रोमन चन्द्राकर , पोखन चन्द्राकार आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।