भेषज विज्ञान विभाग, भीमताल में संविधान दिवस के अवसर पर “भारत: लोकतंत्र की जननी” शीर्षक पर व्याख्यान का आयोजन।

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भेषज विज्ञान विभाग, भीमताल में संविधान दिवस के अवसर पर “भारत: लोकतंत्र की जननी” शीर्षक पर व्याख्यान का आयोजन।

महामहिम राज्यपाल उत्तराखंड एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्देशों के अनुपालन में आज दिनांक २६ नवंबर २०२२ को फार्मेसी विभाग सर जेo सीo बोस कैंपस भीमताल में संविधान दिवस के अंतर्गत “भारत: लोकतंत्र की जननी” शीर्षक पर एक व्याख्यान का आयोजन किया गया।
इस मौके पर विभागाध्यक्ष डॉo अनिता सिंह द्वारा समस्त शिक्षकों कार्मिकों एवं छात्र छात्राओं का आह्वान करते हुए संविधान की महत्ता पर प्रकाश डाला ।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में भेषज विज्ञान विभाग के शिक्षक एवं प्रज्ञा प्रवाह के विश्वविद्यालय संयोजक डॉo महेंद्र राणा द्वारा पुरातन भारतीय ज्ञान परंपरा पर प्रकाश डालते हुए ऋग्वेद, भगवत गीता एवं रामायण को उद्धृत करते हुए, संविधान की परिकल्पना एवं उसके मूल तत्वों को भारतीय वैदिक साहित्य के विभिन्न ग्रंथों से प्रतिपादित किए जाने का संदर्भ देते हुए, भारत को लोकतंत्र की जननी की संज्ञा दिए जाने को सही ठहराते हुए इस बात पर प्रकाश डाला कि भारतीय होने के नाते हम सभी को भारतीय ज्ञान परंपरा का सम्मान करना चाहिए तथा भारतीय सभ्यता एवं उससे जुड़ी परंपराओं को अंगीकृत करते हुए भारतीय ज्ञान के अनुरूप अपना जीवन यापन करना चाहिए।

उन्होंने वसुधैव कुटुंबकम की भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया और कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा का मूल सिद्धांत प्रकृति पर आधारित है। इसके अंतर्गत समस्त जीवों को समान भाव से देखे जाने एवं समानता के अधिकार पर शासन चलाए जाने की व्यवस्था निहित है।
कार्यक्रम में विभागीय शिक्षक डॉo सुमित दुर्गापाल, तनुज जोशी, अरविंद जंतवाल, गोविंद राजपाल, विभागीय कार्मिक मोहित डालाकोटी, उमेश जोशी समेत बीo फार्मा प्रथम एवं द्वितीय सेमेस्टर के छात्रों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
कार्यक्रम का संचालन डॉo अमिता जोशी राणा द्वारा दीप प्रज्वलित करवाते हुए कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला।

ब्यूरो रिपोर्ट by गौरव पंत
R9. भारत T.V( ब्यूरो चीफ)
नैनीताल