गंडई के नये प्रभारी सीएमओ का नया कारनामा सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की उड़ा रहे धज्जियां,,, खैरागढ़ नगर पालिका सूचना के नाम पर आवेदक को कर रहा गुमराह

गंडई के नये प्रभारी सीएमओ का नया कारनामा सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की उड़ा रहे धज्जियां,,, खैरागढ़ नगर पालिका सूचना के नाम पर आवेदक को कर रहा गुमराह

 

खैरागढ़ नगर पालिका अपने कारनामों को लेकर हमेशा से सुर्खियों में रहता आ रहा है, कई नाम चीन न्यूज (अखबारों) पोर्टलों द्वारा खैरागढ़ नगर पालिका का कभी डी•एन•ए हुआ तो कभी पोस्टमार्टम नगर पालिका के कर्ताधर्ताओं को इस से फर्क नहीं पड़ता चाहे नगर पालिका की कितनी बदनामी क्यों ना हो, नगर पालिका खैरागढ़ द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धज्जियां उड़ाने में बड़ चड़ कर अपनी भूमिका भी निभा रहा है। नगर पालिका के जन सूचना अधिकारी मनोज शुक्ला के समक्ष, सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 6 (1) के अन्तर्गत 11 मई 2022 को खैरागढ़ नगर पालिका की कैश बुक (रोकड़ बही) के निरक्षण के लिए सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 2 (J) 1 के तहत आवेदन किया गया था। जिसमे 30 दिवस के भीतर निरीक्षण कराने का प्रावधान है। परन्तु नगर पालिका खैरागढ़ द्वारा आवेदक को 4 महीनों से सूचना उपलब्ध कराने के नाम पर गुमराह किया जा रहा है। नगर पालिका में किये गये निरीक्षक से संबंधित आवेदन में दस्तावेजों का समय सीमा में निरीक्षण नहीं कराया गया आवेदक मजबूर हो कर काट रहा नगर पालिका का चक्कर।

गंडई के नवपदस्थ नगर पालिका के प्रभारी सीएमओ कुलदीप झा उड़ा रहे नियमो की धज्जियां,,, प्रशासनिक अधिकारी के आखो में लग चुकी है पट्टियां

आवेदक को रोकड़ बही के निरीक्षण करने के नाम से 4 महीनों से घुमाये जा रहा है। उक्त आवेदन से संबंधित जानकारी (निरीक्षण) को लेकर आवेदक द्वारा कई बार नगर पालिका के चक्कर काटे गये साथ ही नगर पालिका के सीएमओ को कई बार इसकी जानकारी दी भी दी गई। जिसमें उनके द्वारा आश्वासन देते हुवे कहा गया कि रोकड़ बही का निरीक्षण कुलदीप झा कराएंगे परन्तु कुलदीप झा अपनी मस्ती में मगन सूचना उपलब्ध कराने के नाम पर आवेदक को रोज नगर पालिका के चक्कर कटा रहे है। कुलदीप झा जो पूर्व में नगर पालिका खैरागढ़ में लेखापाल थे, जिनको वर्तमान में गंडई नगर पालिका का प्रभारी सीएमओ बनाया गया है। उक्त लापरवाह अधिकारी द्वारा आज दिनांक तक आवेदक को दस्तावेजों का निरीक्षण नहीं कराया गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत जानकारी नहीं देने की सबसे बड़ी वजह है कहीं इनके द्वारा किये ग ये काले कारनामे सामने ना आजाये।

क्या अब गंडाई नगर पालिका में भी सूचना का अधिकारी अधिनियम 2005 की धज्जियां उड़ाते फिरेंगे कुलदीप झा?

कब होगी ऐसी लापरवाह अधिकरियों के विरूद्ध कार्यवाही?

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