त्यौहारी सीजन से सब्जियों में लगा महंगाई का तड़का।…..

भरथना
त्यौहारी सीजन से सब्जियों में लगा महंगाई का तड़का।

 

जैसे जैसे त्यौहार नजदीक आते जा रहे हैं। सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। आम आदमी को हरी सब्जियां खाना काफी महंगा पड़ रहा हैं। आलू, प्याज, लौकी, नींबू के साथ अन्य हरी सब्जियों के बढ़ते दामों ने घरों का बजट बिगाड़ कर रख दिया है।

सब्जी विक्रेता राजीव उर्फ लल्ला ने बताया कि मंडी में तीन किस्म का आलू आ रहा है। अभी आलू के दाम कुछ इस प्रकार हैं चिक सोना तीस रुपये किलो , नया पूना पचास रूपये किलो, शुगर फ्री तीस रूपये किलो है।इसके साथ ही अन्य हरी सब्जियां भी काफी महंगी हो गई हैं। प्याज के दाम 20 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 30 रुपये प्रति किलो हो गए हैं। टमाटर में भी दो प्रकार की किस्में है जिसमें देशी टमाटर का दाम 40 रुपये से बढ़कर 50 रुपये प्रति किलो व वैरायटी टमाटर का दाम 30रूपये प्रति किलो से बढ़कर 50 रूपये प्रति किलो हो गए हैं।

मेंथी-पालक ,धनिया ने लगाई ‘सेंचुरी’

बारिश से हरी सब्जियों की फसल खराब होने के कारण रेट में आया उछाल।

जुलाई, अगस्त और सितंबर में हुई कम बारिश ने जहां लोगों का गर्मी से पसीना छुड़ाया, वहीं अक्टूबर में हुई झमाझम बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लगातार बीते दिनों से हो रही तेज बारिश से शहर की सडक़ों पर जलभराव हो गया। इसके साथ ही हरी सब्जियों को भी काफी नुकसान पहुंचा है, जिससे मंडी में मेंथी और पालक के रेट क्रमश: 120 और 60 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए हंै। इसके साथ ही अन्य हरी सब्जियों के रेट में भी काफी उछाल आया है।

फसल हो गई नष्ट

बारिश के कारण बीते दिनों से मंडी में भी हरी सब्जियों की आवक घटी है। वहीं किसानों का कहना है कि उनकी तैयार फसल को भारी नुकसान हुआ है, क्योंकि सब्जियों के खेत में पानी भर गया है, जिससे फसल नष्ट हो गई है। वहीं मंडी आढ़तियों की मानें तो हरी सब्जियों के साथ आलू प्याज और अन्य सब्जियों के रेट में भी बढ़ोतरी हुई है।

किचन का बिगड़ा बजट
हरी सब्जियां महंगी होने से जहां एक तरफ लोगों की मुश्किलें बढ़ी हैं, वहीं महिलाओं की मानें तो उनके किचन का बजट ही बिगड़ गया है। उनका कहना है कि त्यौहार के दौरान इनके महंगा होनेे से ये लोगों की पहुंच से दूर हो गई हैं। रेट कंट्रोल होने चाहिए, ताकि मीडियम वर्ग के लोगों को परेशानी न हो। इस समय सबसे अधिक पालक, मेंथी, धनिया और पत्ते वाली सब्जियों की डिमांड होती थी, लेकिन अब बारिश के कारण इसके रेट इतने बढ़ा दिए गए हैं कि ये आम आदमी की पहुंच से दूर होती नजर आ रही है ।

सब्जी पहले रेट अब रेट

तुरई 50 80
लौकी 20 30
करेला 35 50
धानिया 200 150
हरी मिर्च 80 60
टमाटर 30 50
फूलगोभी 30 50
शिमला मिर्च 75 100
प्याज 20 30
मेंथी 35 120
पालक 20 60

बोले व्यापारी

हरी सब्जियों के रेट में बारिश के बाद उछाल आया है। लगातार हो रही बीते दिनों से बारिश के कारण हरी सब्जी मंडी कम पहुंच पा रही है दूसरे किसानों की फसल काफी खराब हो गई है। जिस कारण मेंथी पालक और धनिया महंगा हुआ है।
विमल पोरवाल अध्यक्ष व्यापार मंडल (पीला कुर्ता)

मंडी में हरी सब्जी की आवक कुछ कम हुई है। इसका मेन कारण बारिश है। बारिश अधिक होने के कारण सब्जियों के रेट में अचानक उछाल आया है। मंडी में हरी सब्जियां भी लोकल एरिया के साथ आसपास के जिलों से ही आती है।
आशीष चौधरी सोनी (सफेद टी शर्ट)

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गृहिणियों की बात
एक तो पहले से ही महंगाई ने मीडियम क्लास के लोगों की कमर तोड़ रखी है। अब लगातार बारिश होने से सब्जियों के दामों में वृद्धि कर दी गई है। इस पर कंट्रोल किया जाना चाहिए।
अलका श्रीवास्तव (लाल रंग की चुन्नी डाले हुए पीछे नीली दीवार)

इस समय त्योहार का समय है। मार्केट में हर चीज के दाम काफी बढ़े हुए हैं। अब तो हरी सब्जियां खाना भी मुश्किल नजर आने लगा है। बढ़ती महंगाई पर अंकुश लगाने की आवश्यकता है।
ममता देवी(लाल रंग की चुन्नी डाले हुए दीवार पर प्लास्टर नही है)

त्यौहार टाइम है। ऐसे अवसर पर लोगों में खुशी का माहौल होता है, लेकिन वर्तमान में मार्केट का जो हाल है, उससे हम गृहिणियों की टेंशन काफी बढ़ गई है। सब्जियों के रेट में उछाल आने से बजट बिगड़ गया है।
विमलेश सविता (गुलाबी रंग की साड़ी पहने हुए)

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