पलामू निखिल पाण्डेय एसपी सुलझे हुए अधिकारी हैं देवेंद्र
मेदिनीनगर
नागरिक संघर्ष मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष देवेंद्र प्रसाद गुप्ता ने पलामू एसपी चंदन कुमार सिन्हा को एक सुलझा हुआ अधिकारी बताया है। कहां की पलामू जिले के अपने अल्प काल में एपी लगभग सभी अपराधिक मामलों का उद्भेदन सफलतापूर्वक कर लिया है। पलामू जिले के कुख्यात डॉन पर नकेल कसने में उन्होंने बहुत अच्छी कार्रवाई की है ।इसके अलावा वह मानवीय संवेदना से ओतप्रोत है। असहाय महिला को अस्पताल जाकर स्वयं खून देकर जान बचाना ,स्कूली बच्चों के पढ़ाई के लिए अपने व्यक्तिगत स्तर से उनके द्वारा मोबाइल फोन उपलब्ध कराना , ठंड में गरीबों के बीच कंबल वितरण करना एवं दशहरा और छठ पर्व में खुद से सपरिवार झाड़ू लगाकर सफाई करना एवं 700 टेंपो चालकों को लाइसेंस बनवा गुलदस्ता और मफलर एवं ₹200 नगद प्रोत्साहन राशि के अलावा रंगदारी टैक्स से छुटकारा दिलवाना जैसे अनेकों जनउपयोगी कार्य इनके कर्तव्यनिष्ठ एवं जनकल्याणकारी मानसिकता को दर्शाता है । जहां तक कोडरमा सांसद एवं केंद्रीय मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी एवं पलामू सांसद बीडी राम के द्वारा यह बयान देना पहले एसपी को हटाकर स्वतंत्र जांच कराया जाए और नावा थाना कांड संख्या 32 गलत हवाला देना जबकि सही यह है कि नावा थाना कांड संख्या 32 / 2021 दिनांक 25 / 0 5 /21 को औरंगाबाद व्यवसाई मिथिलेश प्रसाद और उसके ड्राइवर का कंडाघाट की लाइन होटल से अपहरण कर लिया गया था अपहरण के बाद अपराधी प्रेम यादव (जो पुलिस में था) और उसका साथ ही अजय यादव आदि 5 से 6 लोगों ने मिलकर अपहरण कर पुलिस प्रेम यादव अपने गांव पुनदागा में ले जाकर हत्या कर दिया था हत्या के बाद यही थाना प्रभारी लालजी यादव मृतक के पुत्र गोपाल प्रसाद से छुड़ाने के नाम पर ₹10 लाख का मांग किये उस समय एसपी संजीव कुमार के समक्ष यह पैसा छुड़ाने के नाम पर दिया और यही थाना प्रभारी दल बल के साथ अपहरण करता पुलिस को ले जाकर 10 लाख रूपया धावा नदी मे ले जाकर अपराधियों को दे देते हैं और अपराधी को नहीं पकड़ते है बार-बार गोपाल प्रसाद द्वारा यह कहने के बाद कि अब तो पकड़िए फिर भी अपराधियों को पैसा देकर ले जाने दिया और थाना प्रभारी लालजी यादव द्वारा यह कहा गया कि हम इसे बाद में पकड़ लेंगे और तुम्हारा पैसा और जान छुड़ा लिया जाएगा लेकिन इसके बाद सारे केस को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया जब एसपी संजीव कुमार का तबादला हुआ और नए एसपी के रूप में वर्तमान एसपी चंदन कुमार सिन्हा आए तो 5 महीने के बाद उसी केस का उद्भेदन करते हुए पांचो अपराधी को अर्मस्, पैसा, मोबाइल, गाड़ी के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिए। उस समय पलामू सांसद और कोडरमा सांसद क्यों चुप्पी लगाए हुए थे और लालजी यादव के स्वजातिये पुलिस द्वारा घटना को अंजाम दिया गया था तब क्यों नहीं जांच की मांग और दोषी पदाधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे क्योंकि वह व्यवसायिक परिवार से था जबकि प्रेम यादव अपने स्वीकृति बयान में कहा है उसी कंडा घाटी में दर्जनों व्यवसायियों को लूट कर हत्या को अंजाम दिया गया हूँ
एसपी अपने कार्यवाही से पलामू जिले में सक्रिय माफिया तत्वों के आंखों के किरकिरी बन गए हैं। श्री गुप्ता ने नावा बाजार के पूर्व थाना प्रभारी के आत्महत्या को दुखद बताया है । कहां की उनकी पूरी संवेदनाएं स्वर्गीय यादव के परिवार के साथ है । लेकिन इसमें एसपी का नाम घसीटा जाना कहीं से उचित नहीं है। जहां तक निलंबन की बात है तो यह पुलिस सेवा में एक सामान्य प्रक्रिया है। अब आत्महत्या के पीछे जो भी कारण रहा हो या जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। लेकिन इस मामले में लोग ट्रायल कर एसपी दोषी ठहरा रहे हैं यह कहीं से उचित नहीं है।