सारी दुनिया के लिए रहमत बनकर आये मुहम्मद साहब जयंती पर याद किए गए…

सारी दुनिया के लिए रहमत बनकर आये मुहम्मद साहब जयंती पर याद किए गए

अशरफ आलम केसरिया(पूर्वी चंपारण)

केसरिया के विभिन्न मदरसों हजरत मोहम्मद साहब की जन्म दिवस बड़े हीं अदब व एहतराम के साथ सौहार्द पूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर निहायत एहतेराम के साथ मदरसा के बच्चों द्वारा जुलूसए मोहम्मदी इन्काद किया गया।जिसका उद्घाटन नगर के मुख्य पार्षद रजनीश कुमार पाठक व मौलाना अब्दूल गणी ने संयुक्त रुप से फिता काट किया। वहीं मदरसा परिसर में जूलूस ए मुहम्मदी निकाला गया।जो केसरिया नगर परिक्षेत्र के गांव कस्बे होते हुए प्रखंड मुख्यालय के रास्ते पून: मदरसा परिसर पहुंची। जहां जुलूस ए मोहम्मदी सभा में तब्दील हो गई। वहीं सभा की अध्यक्षता करते हुए मौलाना अनिसूर्रहमान चिस्ति ने कहा कि इस्लाम धर्म के आखरी पैगंबर 20 अप्रैल 571 ईसवी को मक्का शरीफ की धरती पर पैदा हुए ।सारी दुनिया के लिए रहमत बन कर और रहमत लेकर आए ।अमन और शांति का पैगाम दुनिया को दिया। वहीं उन्होंने कहा कि हजरत मुहम्मद साहब ने गरीबों, विधवाओं, असहाय लोगों की सहायता किया। अरब के लोग बेटियों को जिंदा दफन करते थे बेटियों को जिंदा दफन करने की प्रथा को समाप्त किया। सभा को संबोधित करते हुए मुख्य पार्षद श्री पाठक ने कहा कि मोहम्मद साहब मानवता की इज़्जत क़दर,मान मर्यादा बढ़ाया।आपसी सद्भाव का माहौल पैदा कर समाज से नफरत को जड़ से मिटाया। वहीं पूर्व वार्ड पार्षद श्यामबाबू प्रसाद ने कहा कि मुहम्मद साहब समाज से त्रुटियों को समाप्त किया और एक खुदा की इबादत करने का तरीका सिखाया। वहीं लाला छपरा मदरसा के मौलाना सिराजुल हक अशरफी ने कहा कि मेरे नबी सारे जहॉं के लिए रहमत बनकर तशरीफ लाए और मानवता की इज्जत एहतेराम करने का सलीका सिखाया। वहीं समाजसेवी अभय कुमार सिंह ने कहा कि हजरत मोहम्मद साहब कौमी यकजहती का पाठ पढ़ाया।और सभी को एक साथ चलने व एक दूसरे के कार्यो में हाथ बंटाने की सलाहियत सिखाई। इस अवसर पर प्रखंड के विभिन्न मदरसों मस्जिदों की जानिब से जुलूसए मोहम्मदी निकाला गया ।और मिलादून्नबी की महफिल सजाई गई ।मदरसा अबू हनीफा प्रदुमन छपरा, मदरसा गरीब नवाज केसरिया टोला, लाला छपरा, डिलीया बाजार, त्रिलोकवा,डेरवा मठीया,कुशहर गोंछी समेत अन्य गांव के मदरसों से भी जुलूसए मोहम्मदी निकाला गया।इस अवसर पर पूर्व मुखिया अमजद अली खां उर्फ गुड्डू खां,राजद नेता हातीम अहमद खां, मौलाना नैमतुल्लाह, कारी ओबैद रजा, हाफिज मोहम्मद आलम,कारी बिलाल रजा बिलाली, कारी अब्दुल गनी, मौलाना मोतिउर रहमान, मौलाना नौशाद ,मौलाना इरफान रजा, मोहम्मद जमील मस्तान, नबील खान,मोहम्मद मुस्ताक ,मोहम्मद रईस खान ,मौलाना अख्तर अली,फैज आलम, खुर्शीद आलम,बिक्की आलम,मो0 तमन्ना सहित सैकड़ों नवजवान बुजुर्ग व बच्चे जूलूस ए मुहम्मदी में शामिल थे।

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