1960 की भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में केवल दो क्लर्क और दो ऑफिसर कर रहे कार्य

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श्यामा कुमार मौर्य तहसील रिपोर्टर R 9.भारत न्यूज़ मिश्रिख

भारतीय स्टेट बैंक में उपभोक्ता प्रेषण स्टाफ की कमी के चलते जमा निकासी भी प्रभावित

 सन 1960 की भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में केवल दो क्लर्क और दो ऑफिसर कर रहे कार्य 

उपभोक्ता ने कहा लगाने  पडते  चक्कर

मिश्रिख सीतापुर 

महर्षि दाधीच की तपोस्थली मिश्रिख तीर्थ जहां विश्वविख्यात तीर्थ स्थल स्थित है वहां की भारतीय स्टेट बैंक सन 1960 खोली गई सबसे पुरानी v बड़ी  बैंक मानी जाती है लॉकडाउन के बाद  से कार्य प्रभावित चल रहे हैं उपभोक्ता बैंक का चक्कर लगाकर वापस लौटने पर मजबूर हो रहे हैं आपको बता दें स्टाफ की कमी के चलते पैसा निकालने के लिए वह भाजपा सरकार के द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ देने के लिए वक्ताओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है विद्यालय के एमडीएम खाते भी खोले जाने का निर्देश दिया जा चुका है एक या दो काउंटर के सहारे चल रही बैंक जिसमें दो क्लर्क  वा दो ऑफिसर कार्य कर रहे हैं लेकिन उपभोक्ताओं की समस्याओं का हल पूरी तरह नहीं हो पा रहा है कई बार जिसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से की गई कस्बे के व्यापारी व अन्य उपभोक्ताओं ने बताया कि जरूरत के लिए पैसा निकालने बैंक में जाने पर पूरा दिन लग जाता है लंबी लाइन लगानी पड़ती है क्योंकि एक ही काउंटर पर लेनदेन हो रहा होता है  अन्य काउंटर खाली होते हैं जिससे जरूरतमंदों को पैसा ना मिल पाने के कारण मायूस होकर लौटना पड़ता है आपको बता दें लॉकडाउन के समय शाखा प्रबंधक कई महीनों तक गायब रहे जिसके शिकायत उपभोक्ताओं के द्वारा की गई 1 माह पूर्व  आए नए शाखा प्रबंधक  प्रभात कुमार  से इस संबंध में बात की गई

                                           

 उन्होंने बताया की स्टाफ की भारी कमी है डिमांड भेजी गई है दो क्लर्क दो ऑफिसर कार्य कर रहे हैं एमडीएम के 450 खाते खोले जाने हैं जिसके लिए विद्यालय के संबंधित अधिकारियों को फार्म दे दिए गए हैं

[जब: AGM भारतीय स्टेट बैंक   तिवारी से फोन पर बात की गई उन्होंने बताया कि शाखा की जांच की जाएगी अगर ऐसा हो रहा है तो कार्यवाही होगी स्टाफ पर्याप्त है 400कांस्ट्रेशन