कांग्रेस सेवादल जिलाध्यक्ष श्री सुरेश कपाले ने बताया कि आज स्थानीय शहीद स्मारक पर झण्डावंदन का कार्यक्रम आयोजित किया गया

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R9 भारत राष्ट्रीय न्यूज़ चैनल
डिस्टिक क्राइम हेड साहिल मंसूरी के साथ

ब्रेकिंग न्यूज़
छिन्दवाड़ा-: कांग्रेस सेवादल जिलाध्यक्ष श्री सुरेश कपाले ने बताया कि आज स्थानीय शहीद स्मारक पर झण्डावंदन का कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें मप्र आदिवासी विकास परिषद के जिलाध्यक्ष श्री बालाराम परतेती जी एवं नेपाल सिंग उईके जी द्वारा झण्डावंदन किया गया। आगे कपाले ने बताया कि ध्वज वंदना कांग्रेस सेवादल की महत्वपूर्ण गतिविधि है। ध्वज वंदना का आयोजन हर माह के अंतिम रविवार को होता है । इस कार्यक्रम के तहत साहस, शांति एवं समृद्धि का प्रतीक राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया जाता है। ध्वज वंदना का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्र प्रेम की भावना को पैदा करना और इस भावना को मजबूत करना है । महात्मा गांधी जी के निर्देश पर 1929 में कांग्रेस सेवादल द्वारा भारत में स्थानीय स्तर पर हर माह के अंतिम रविवार को ध्वज वंदन के कार्यक्रम की शुरूवात की थी। कांग्रेस सेवादल द्वारा अंतिम रविवार को किये जाने वाले ध्वज वंदना के कार्यक्रम में 1929 में पूर्ण आजादी के प्रस्ताव पर अमल के लिये कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 1930 मे वर्ष के अंतिम रविवार को सेवादल ध्वज वंदना के कार्यक्रम में भारत की आजादी के प्रस्ताव को पढ़ने और भारत देश को स्वतंत्र करने का निर्णय लिया गया था। इसलिये राष्ट्र प्रेम की भावना को बढ़ाने के लिये ध्वज वंदना का कार्यक्रम किया जाता है एवं शहीदों को श्रद्धांजली दी जाती है ।
कार्यक्रम के अंत में महात्मा ज्योतिबा फुले जी की पुण्यतिथि पर श्रद्धासुमन अर्पित किये गये और उनके द्वारा समाज मे किए गए सहयोग का बखान करते हुए श्री दिनेश डेहरिया ने बताया कि शैक्षणिक क्रांति के प्रणेता महात्मा ज्योतिबा फुले (ज्योतिराव गोविंदराव) जी ने समाजिक कुरीतियों तथा छुआछूत, बाल विवाह के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए शिक्षित समाज की स्थापना की पहल की थी।
इस अवसर कांग्रेस सेवादल के निम्न पदाधिकारी उपस्थित हुये जिसमें – राकेश मरकाम, हेमबाबू सिंह राजपूत, शेषराव उईके, शबाना यास्मीन खान, संजय पाण्डे, प्रेम उईके, जुगनू धुर्वे, प्रदीप जोशी, संजय विश्वकर्मा, सुनील इंगले, राजेन्द्र डोंगरे, रंजीत रविकर, दीपक घोरसे, राजू विश्वकर्मा, अभिषेक इंदौरकर, अखिल इंदौरकर, राहुल इंदौरकर, निखिल इंदौरकर, कन्हैया मालवी, संतकुमार साहू आदि प्रमुख रूप से उपस्थित हुए ।