राजनांदगांव।। जिले के शराब दुकानों में निजी कंपनी के लोकेशन ऑफिसर द्वारा जमकर मनमानी की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक लोकेशन ऑफिसर द्वारा तबादले से लेकर ओवररेट चलाने के एवज में जमकर कमीशनबाजी का खेल चल रहा है। चूंकि यह कमीशन आबकारी अधिकारी से लेकर बड़े नेताओं और दलालों तक बंटता है इसलिए खुलेआम बेखौफ होकर लोकेशन ऑफिसर की अवैध वसूली जारी है।
ओवररेट चलने वाले दुकानों में कमीशन
नियम के अनुसार लोकेशन ऑफिसर की नियुक्ति शराब दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों द्वारा अनियमितता पाए जाने पर उन पर कार्रवाई करे लेकिन जिन भी दुकानों में ओवररेट चलता है वहां लोकेशन ऑफिसर का कमीशन बंधा हुआ है। इसलिए दुकानों में ओवररेट चलाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं कि जाती बल्कि उनसे ओवररेट की कमाई में हिस्सा लिया जाता है। यदि कोई कर्मचारी ओवररेट की कमाई में हिस्सा देने से मना कर देता है तो उस पर कार्रवाई की जाती है।
तबादले के एवज में वसूली
लोकेशन ऑफिसर द्वारा सेल्समैन, मैनेजर और मल्टीपरपज वर्कर्स के एक जगह से दूसरे जगह ट्रांसफर के लिए मोटी रकम लिया जाता है। इसके अलावा यदि कोई कर्मचारी ओवररेट या रुपयों की हेराफेरी में पकड़ा जाता है तो उससे रुपये लेकर दूसरी जगह तबादला कर दिया जाता है। इस लोकेशन ऑफिसर को जिले के आला अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है इसलिए बेधड़क यह गोरखधंधा चालू है। इस मामले में यदि कोई कर्मचारी इस अफसर का साथ नहीं देकर ईमानदारी से नौकरी करना चाहता है और उसका विरोध कर देता है या अधिकारियों से शिकायत करता है तो उल्टा उसे ही नौकरी से हाथ धोना पड़ता है, रोजी-रोटी के चक्कर में कोई कर्मचारी अपने हक की लड़ाई नहीं लड़ पा रहा है।