छ्ठे दिन भी सामूहिक अवकाश पर रहे न्यायिक कर्मचारी, कचहरी परिसर में किया धरना प्रदर्शन

बयाना। कर्मचारी आत्मदाह प्रकरण को लेकर राजस्थान न्यायिक कर्मचारी संघ के आव्हान बयाना में सोमवार को लगातार छठवें दिन भी न्यायिक कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहे। आक्रोशित कर्मचारियों ने कोर्ट परिसर में नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन किया। कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश आंदोलन के चलते अदालतों में कामकाज ठप बना हुआ है। गौरतलब है कि गत 10 नवंबर को जयपुर में एनडीपीएस मामलों की विशेष कोर्ट में पदस्थापित कर्मचारी सुभाष मेहरा ने न्यायिक अधिकारी के सरकारी आवास पर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। न्यायिक कर्मचारियों ने कथित आत्मदाह प्रकरण को हत्या बताते हुए पीठासीन अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, मामले की जांच सीबीआई से कराने, मृतक कर्मचारी के परिजन को अनुकंपा नौकरी देने और पीड़ित परिवार को 50 लाख की आर्थिक सहायता देने की मांग की है। इसे लेकर न्यायिक कर्मचारी पिछले 6 दिन से सामूहिक अवकाश लेकर आन्दोलन कर रहे है। उधर, न्यायालयों में कर्मचारियों के नहीं आने से कामकाज ठप पड़ा है। इससे मुकदमों की सुनवाई नहीं हो पा रही है। कामकाज नहीं होने से वकील भी तीन दिनों से खाली बैठे हुए हैं। कर्मचारियों ने बताया कि मामले में कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारी वर्ग में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश से बयाना स्थित सभी चारों न्यायालयों में कामकाज बाधित रहा। अधिकतर मुकदमों में वकीलों और पक्षकारों को तारीखें ही मिल रही हैं। कर्मचारियों ने बताया कि मांगें नहीं माने जाने तक सामूहिक अवकाश आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान होमचंद, सत्यप्रकाश गुप्ता, अशोक गोयल, विजय वर्मा, जयसिंह गुर्जर, विनोद गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, वीरेंद्र राजोरिया, नरेश गुप्ता, शीतल प्रसाद, वेदप्रकाश शर्मा आदि कर्मचारी मौजूद रहे।

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