जर्वे नहर के पास 11 केवी के दो तार आपस में सटने की वजह से बिजली हुई थी बंद मड़वारानी

चित्रलेखा श्रीवास की रिपोर्ट

जर्वे नहर के पास 11 केवी के दो तार आपस में सटने की वजह से बिजली हुई थी बंद मड़वारानी

और उसके आसपास के एक दर्जन गांव में 24 घंटे बाद विद्युत व्यवस्था हुई बहाल

करतला//कोरबा जिले में विद्युत व्यवस्था दुरुस्त होने का नाम नहीं ले रही है। शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र की हालत बद से बत्तर है। मड़वारानी और उसके आसपास क्षेत्र के खास बात फास्ट को खोजने में ही विभाग का निकल गया दम दूसरे दिन हो सकी लाईन चालू एक दर्जन गांवों में बिजली बंद तो हुई थी लेकिन उसे दुरुस्त करने में विभाग को 24 घंटे का समय लग गया। इससे सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि विद्युत विभाग के अधिकारी कर्मचारी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कितना संजीदा है। उल्लेखनीय है कि जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर मड़वारानी और उसके आसपास बसने वाले एक दर्जन गांवों में शनिवार की शाम 6 बजे बिजली बंद हो हुई थी। ग्रामीण स्थानीय अधिकारी कर्मचारियों को विद्युत व्यवस्था बहाल करने के लिए लगातार फोन पर बात करते रहे लेकिन किसी भी अधिकारी ने ग्रामीण या स्थानीय जनप्रतिनिधियों को यह बताने में मुनासिब नहीं समझा कि आखिर बिजली क्यों बंद हुई है और कब तक विद्युत व्यवस्था बहाल हो पाएगी। विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से चलते “छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी मर्यादित बरपाली जर्वे के पास दो तार सटने की वजह से हुई थी बिजली बंद याम जवें नहर के समीप 11 केवी के दो तार आपस में सट गये थे जिसकी वजह से पूरे लाईन में तकनीकी खामी आ गई थी इस फाल्ट को खोजने में कई घंटों का वक्त लग गया। ग्रामीणों में खासा आक्रोश देखा जा रहा था और ठंड होने के बाद भी विद्युत व्यवस्था को बहाल करने में विभाग को लगभग 24 घंटे का वक्त लग गया। बताया जाता है कि पूरी रात मड़वारानी और उसके आसपास बसने वाले गांव में बिजली नहीं आ पाई और अगले दिन रविवार की शाम लगभग 5 बजे किसी तरह विद्युत व्यवस्था को बहाल किया जा सका। आखिर ऐसी क्या तकनीकी खामी आ गई थी कि विद्युत व्यवस्था को बहाल करने में 24 घंटे का समय लग गया। ऐसे भी ठंड के दिनों में बिजली की डिमांड बहुत कम रहती है लेकिन ऐसे में विद्युत व्यवस्था को बहाल करने में कई घंटे का वक्त लग रहा है। इससे सहज अंदाजा लगाया जा सकते हैं कि ग्रामीण क्षेत्र के विद्युत व्यवस्था कितनी अच्छी है। अभी ठंड के दिनों में यदि यह हाल है तो आने वाले अप्रैल महीनों के दिनों में विद्युत व्यवस्था का क्या हाल होगा इससे सहज अंदाजा लगाया जा सकता है, क्योंकि गर्मी आने वाले दिनों में गर्मी बढ़ने इन गांवों में बिजली रही बंद बताया जाता है कि सोहागपुर सब स्टेशन अंतर्गत आने वाले ग्राम खरहरकुड़ा, रोगदा, परसाभाटा, जर्वे, सलवाडेरा, नराईडीह, घांठाद्वारी, दमखांचा, भेलवागुडी, कराईनारा, सीधापाठ, भंवरखोल सहित एक दर्जन गांव 21 घण्टे से अंधेरे में थे। शनिवार को शाम 6 बजे से बिजली गुल हुआ था। बिजली गुल होने से एक दर्जन गांव के ग्रामीण रातभर अंधेरे में रहे। बिजली विभाग के कर्मचारियों एवं जेई टोप्पो को फोन से जानकारी लेना चाहते थे मगर फोन किसी ने नहीं उठाया। जिसे ग्रमीणों में भारी नारजगी देखने को मिला। इन दिनों जहरीले जीव जंतु सांप, बिच्छु एवं आदि जीव जंतुओं का खतरा मंडराने लगा है। बिजली गुल होने कि जानकारी होने के बावजूद विभाग के कर्मचारी के द्वारा लाइन को बनाने कि कोशिश नहीं किया गया। जिसके चलते 12 गांव में 21 घण्टे तक बिजली नहीं थे। रातभर अंधेरे में रहे। वाली है और गर्मी के साथ ही बिजली की डिमांड बढ़ेगी। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्र के साथ-साथ शहर में भी बिजली की आंख मिचौली जारी रहेगी। यदि विभाग के अधिकारी कर्मचारी समय रहते विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया तो निश्चिततौर पर आने वाले दिनों में गर्मी पर विभाग को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

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