नोटिसों पर नोटिसों का खेल जारी, अब फिर सौ गई गहरी नींद में नगर पालिका

नोटिसों पर नोटिसों का खेल जारी, अब फिर सौ गई गहरी नींद में नगर पालिका

राजाखेड़ा,,,,, सितंबर 2020 में निर्माणाधीन मकान सील,,

फरियादी शिकायत करता रहा और पूरा हो गया निर्माण कार्य

 

राजाखेड़ा. राजनीतिक दलों की कथित एजेंसी के रूप में काम करने के आरोप नगर पालिका पर हमेशा से लगते रहे हैं। जिसके एक चलते अवैध निर्माणों की बाढ़ सी आ गई है। ऐसा ही एक प्रकरण नगर पालिका राजाखेड़ा का सामने आया है, जहां फरियादी के अवैध निर्माण की दर्जनों शिकायतों के बाद पालिका ने सील किए गए मकान में भी बेखोफ निर्माण चलता रहा और कार्रवाई के अभाव में निर्माण आलीशान भवन में बदल गया। शिकायतों पर केवल नोटिसों पर नोटिसों का खेल जारी रहा ! जब मामला जयपुर आलाधिकारियों के सामने पहुंचा तब पालिका हरकत में आई और अब जाकर मकान की निर्माण स्वीकृति से सम्बंधित दस्तावेज भवन स्वामी से सात दिवस में मांगे गए है। इसके लिए भवन पर पालिका कर्मियों ने नोटिस चस्पा किया है।फरियादी ने बताया कि पारदर्शी प्रशासन का दावा करने वाली सरकारों के राज में ही मेरे द्वारा वर्ष 2020 में एक अवैध रूप से बन रहे भवन की शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। कई दर्जनों शिकायतों कीं जिला कलक्टर को भी शिकायत दी तब जाकर सितम्बर 2020 में सील करने की कार्यवाही कर दी गई, लेकिन निर्माण कार्य बदस्तूर चलता रहा। इसकी भी लगातार शिकायतें की गई पर न तो कार्रवाई की गई, बल्कि प्रकरण की फाइल ही गायब कर दी गई। जब उसने जयपुर उच्च स्तर पर शिकायतें की तब जाकर 26 फरवरी 2026 पत्र क्रमांक न.पा/अतिक्रमण शाखा 2026/339 को नोटिस जारी किया गया। जिसे लिया नहीं गया तो बाद में भवन पर चस्पा किया गया। सात दिवस में अधौहस्ताक्षरकर्ता के सामने कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए जिस पर नगर पालिका प्रशासन ने पुनः द्वितीय नोटिस क्रमांक न.पा./अतिक्रमण शाखा 2026/,480 दिनांक 11/03/2026 को द्वितीय नोटिस जारी किया गया जिसे ले लिया गया है। पूर्व में दिए गए नोटिसों का कोई भी जवाब अधौहस्ताक्षरकर्ता के सामने सक्ष्म प्रस्तुत नहीं किया है!मकान की निर्माण स्वीकृति एवं सील खोलने तथा आवासी गतिविधियां से सम्बंधित दस्तावेज भवन स्वामी से तीन दिवस में मांगे गए है। नगर पालिका राजाखेड़ा द्वारा दर्जनों नोटिसों जारी होने के बावजूद भी निर्माण कर्ता द्वारा कार्य तक बंद नहीं किया गया। और नगर पालिका राजाखेड़ा द्वारा कार्य तक बंद नहीं करा पाई । राजनीतिक दलों की कथित एजेंसी के रूप में काम करना साबित होता है नगर पालिका पर चलते अवैध निर्माणों की बाढ़ सी आ गई है। अब देखना यह होगा क्या नगर पालिका नोटिसों का खेल जरी रखेगी या फिर धरातल पर कार्रवाई करने के लिए सक्षम रहेगी। क्या कर रहा तीन दिवस के बाद नगर पालिका प्रशासन ले कार्रवाई को ठंडे बस्ते में डाल दिया। ब्यूरो चीफ धौलपुर

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