राजाखेड़ा में कृषि आदान व्यापारियों की सांकेतिक हड़ताल,पीएम के नाम उपखण्ड अधिकारी को सौंपा ज्ञापन

राजाखेड़ा। राजाखेड़ा में उप जिला कृषि खाद के नेतृत्व में सोमवार को कृषि आदान व्यापारियों ने प्रधानमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी राजाखेड़ा सुशीला मीणा को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में व्यापारियों ने बताया कि वे पिछले लगभग 10 वर्षों से कई गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं, जिनका बार-बार निवेदन के बावजूद समाधान नहीं हो पाया है। ,,जबरन टैगिंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग ,,, ज्ञापन में व्यापारियों ने खाद पर जबरन टैगिंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने, उर्वरकों की डिलीवरी सीधे बिक्री केंद्र तक सुनिश्चित करने और डीलर मार्जिन को बढ़ाकर न्यूनतम 8 प्रतिशत करने की मांग की। उन्होंने ‘साथी’ पोर्टल की अनिवार्यता में भी राहत देने की अपील की। अन्य प्रमुख मांगों में HTBT बीज नीति में स्पष्टता लाना, एक्सपायर्ड कीटनाशकों की वापसी की कानूनी बाध्यता तय करना और नए बीज एवं कीटनाशक कानूनों में डीलरों के खिलाफ कठोर प्रावधानों में संशोधन करना शामिल है।
सीलबंद पैकिंग में विक्रेताओं को दोषी ठहराने पर जताया रोष
व्यापारियों ने यह भी मांग की कि सीलबंद पैकिंग में गुणवत्ता खराब पाए जाने पर विक्रेताओं को दोषी ठहराने के बजाय उन्हें केवल गवाह का दर्जा दिया जाए, क्योंकि उत्पाद की गुणवत्ता के लिए निर्माता कंपनियां जिम्मेदार होती हैं। इसके अतिरिक्त, झूठी शिकायतों से बचाव के लिए जिला स्तर पर जांच समिति गठित करने और लाइसेंस निलंबन के मामलों में 21 दिनों में स्वतः बहाली का प्रावधान लागू करने की भी अपील की गई। व्यापारियों ने दोहरी लाइसेंस प्रणाली को समाप्त करने और हर वर्ष कंपनी के प्रिंसिपल सर्टिफिकेट जमा करने की अनिवार्यता खत्म करने की भी अपील की। अनिश्चितकालीन बंद की चेतावनी दी,संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि एक माह के भीतर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आगामी खरीफ सीजन से पहले उन्हें अनिश्चितकालीन बंद करने को मजबूर होना पड़ेगा। इससे कृषि उत्पादन और किसानों पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
व्यापारियों ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से लेगी और संबंधित मंत्रालयों को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश देगी। संवाददाता ब्यूरो चीफ मनोज राघव धौलपुर