जर्जर क्वार्टरों के मामले में महामंत्री कुमार अमित के नेतृत्व में प्रबंधन से वार्ता*बीएसएल कर्मियों को तुगलकी नोटिस नहीं, डी टाइप आवास दे प्रबंधन – कुमार अमित

बोकारो से ब्यूरो अनिल बर्नवाल की रिपोर्ट

जर्जर क्वार्टरों के मामले में महामंत्री कुमार अमित के नेतृत्व में प्रबंधन से वार्ता*बीएसएल कर्मियों को तुगलकी नोटिस नहीं, डी टाइप आवास दे प्रबंधन – कुमार अमित

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बोकारो के सेक्टर-12 के जर्जर एवं पूर्णतः क्षतिग्रस्त घोषित क्वार्टरों में रह रहे बीएसएल कर्मचारियों, लीज एवं लाइसेंसधारियों की गंभीर आवासीय समस्या को लेकर आज भारतीय उद्योग मजदूर संघ के महामंत्री कुमार अमित के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने नगर सेवा के मुख्य महाप्रबंधक कुंदन कुमार से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।महामंत्री कुमार अमित ने कहा कि प्रबंधन द्वारा सेक्टर-12 के बड़ी संख्या में ब्लॉकों को क्षतिग्रस्त घोषित करने के बाद सैकड़ों बीएसएल कर्मियों, सेवानिवृत्त लीज एवं लाइसेंस धारकों के परिवारों के सामने आवास का संकट खड़ा हो गया है। इनमें डी-टाइप के हकदार कर्मचारियों ने महीनों पहले आवेदन भी किया था, लेकिन नगर प्रशासन ने उसे गंभीरता से नहीं लिया।उन्होंने कहा कि हाल ही में सेक्टर-12 का एक ब्लॉक अचानक धराशायी हो गया, जो प्रबंधन की क्षतिग्रस्त सूची में था ही नहीं। इससे यह स्पष्ट होता है कि जांच करने वाली एजेंसी की प्रक्रिया और नगर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं और इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि इस हादसे के बाद प्रशासन ने कर्मचारियों पर एक सप्ताह में बिना मेंटेनेंस के ई-टाइप में शिफ्ट होने का दबाव बनाते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई का नोटिस थमा दिया है, जो तुगलकी फरमान जैसा है और सेल जैसी महारत्न कंपनी में कर्मचारियों की गरिमा के खिलाफ है।प्रतिनिधिमंडल ने मांग की है कि -,तुगलकी नोटिस को तत्काल वापस लिया जाए।,सभी खाली डी-टाइप आवासों की सूची सार्वजनिक कर इन कर्मियों को अविलंब पसंद के डी-टाइप आवास आवंटित किए जाएं।,आवंटित क्वार्टरों का पूर्ण मेंटेनेंस कराकर दिया जाए या मेंटेनेंस की एकमुश्त राशि कर्मचारियों के खातों में डाली जाए।,शिफ्टिंग के लिए ट्रांसपोर्ट भत्ता और आवास आवंटित न कर पाने की स्थिति में अगले दो माह का मकान किराया भत्ता दिया जाए।,इन जर्जर क्वार्टरों में रह रहे लीज एवं लाइसेंस धारियों को भी सम्मानजनक आवास का विकल्प दिया जाए।
,रिक्त ई-टाइप क्वार्टरों को बड़े परिवार वाले बीएसएल कर्मचारियों को एक से अधिक संख्या में आवंटित किया जाए।, वर्षों से खाली पड़े क्वार्टरों को पारदर्शी नीति बनाकर ठेका कर्मचारियों को भी आवंटित किया जाए, जिससे ठेका कर्मियों को सम्मानजनक आवास मिल सके, प्रबंधन को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हो और बोकारो को अतिक्रमण की समस्या से मुक्ति मिल सके।मुख्य महाप्रबंधक ने प्रतिनिधिमंडल को सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया है। महामंत्री ने कहा कि यदि शीघ्र सम्मानजनक समाधान नहीं हुआ तो संघ आंदोलन के लिए बाध्य होगा।प्रतिनिधिमंडल में बीयूएमएस के अध्यक्ष अब्दुल रब अख्तर, उपाध्यक्ष रामावतार, धनंजय चौबे, संयुक्त महामंत्री अशोक कुमार, जन्मजय गोस्वामी, जगन्नाथ पूर्ति, ताजुद्दिन अंसारी, बलराम यादव, संदीप महंता आदि शामिल थे।

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