उपायुक्त सिमडेगा सुशांत गौरव ने उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक की। उन्होने ईओडीबी एवं डिस्ट्रिक्ट एक्सपोर्ट प्रमोशन कमिटि सहित मुख्यमंत्री लघु कुटीर उद्योग विकास बोर्ड अन्तर्गत संचालित योजनाओं एवं स्थानीय कारीगरों की आर्थिक स्थिति बेहतर हो,

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 रिपोर्ट : बसंत कुमार कश्यप

लोकेशन : सिमडेगा / झारखंड

एंकर : उपायुक्त सिमडेगा सुशांत गौरव ने उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक की। उन्होने ईओडीबी एवं डिस्ट्रिक्ट एक्सपोर्ट प्रमोशन कमिटि सहित मुख्यमंत्री लघु कुटीर उद्योग विकास बोर्ड अन्तर्गत संचालित योजनाओं एवं स्थानीय कारीगरों की आर्थिक स्थिति बेहतर हो, इस दिशा में विस्तृत समीक्षा की। उन्होने कहा कि माटी कला बोर्ड का गठन किया है। मिट्टी कला, बांस कला के स्वरोजगार को जिले में विख्यात करते हुए तकनीक एवं मार्केट डिमान्ड के अनुरूप सामग्री एवं संरचनाओं का निर्माण कर आर्थिक विकास की गतिविधि को बढ़ावा देने की दिशा में जिला उद्योग पदाधिकारी, डीडीएम नाबार्ड को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दियें। आसनबेड़ा में बांस कारीगरों के लिए मल्टीपर्पस हॉल बनाया जा रहा है। स्थानीय कारीगर को तकनीक एवं नये-नये सामग्री निर्माण का प्रशिक्षण दिया जाएगा, साथ हीं उनके द्वारा उत्पादित सामग्री की बाजार सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी। उन्होने समीक्षा के क्रम में कहा कि बांस कारीगरों के बीच करीगरी किट का वितरण किया गया था, से संबंधित अद्यतन प्रगति प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया। योजनाएं धारातल पर निरन्तर बेहरत रूप से क्रियाशील रहें, यह सुनिश्चित करें। 

माटी कला की समीक्षा के क्रम में छोटे-बड़े मोर्केट डिमान्ड के अनुसार माटीकला को जिले में आगे बढ़ाने की बात कही। उन्होने जीएमडीआईसी को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिया। 

जिले में लाह उत्पाद क्षमता को देखते हुए उपायुक्त ने जिले के लाह प्रोसेसिंग सेन्टर के उपकरणोें को दुरूस्त करने का निर्देश दिया। लचड़ागढ़ के बन्द सेन्टर को शुरू करने का निर्देश दिया। 25 नवम्बर तक आवश्यक कार्रवाई पूर्ण करने का निर्देश दिया। 

जिले में राईस मिल के अधिष्ठापन की समीक्षा के क्रम में कहा कि नाबार्ड के द्वारा राईस मिल हेतु 50 प्रतिशत अनुदान पर राईस मिल की योजना का लाभ मिलता है। योजना का प्रचार-प्रसार करायें, इच्छुक लाभुकों को योजना का लाभ देने की बात कही। 

महुआ एवं करंज तेज के उत्पादन की समीक्षा की। वनोउत्पादित महुआ एवं करंज सामग्री से तेल प्रोसेसिंग हेतु उपकरण अधिष्ठापन का एनेलाईसिस करते हुए प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया। 

रागी पायलेट प्रोजेक्ट के तहत् उत्पादित मड़ुआ के उपयोगिता सुनिश्चित कराने की दिशा में उद्योग विभाग एवं जेएसएलपीएस के बीच एमयू साईन करने का निर्देश दिया। जेएसएलपीएस के द्वारा नवम्बर माह तक मड़ुआ कलेक्शन का कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया। जिले में रागी प्रोसेसिंग सेन्टर अधिष्ठापन की कवायद की जा रही है। मड़ुआ उत्पादन से स्थानीय ग्रामीणों को जोड़ा जाएगा। जिले में रागी का उद्योग केन्द्र स्थापित करते हुए रागी प्रोसेसिंग कर रागी के विभिन्न सामग्री का निर्माण कर बाजार से जोड़ा जायेगा साथ हीं समूह की महिलाओं को स्वरोजगार भी मिलेगा। ईमली प्रोजेक्ट की समीक्षा के क्रम में आईसीआर एवं केभीके वैज्ञानिक के साथ बैठक कर प्रोजेक्ट की समीक्षा करने की बात कही। बैठक में जीएमडीआईसी, डीडीएम नाबार्ड, जेएसएलपीएस व अन्य उपस्थित थें।