,,खबर राजाखेड़ा फर्जी दस्तावेजों से अध्यापिका बनी महिला के विरुद्ध मामला दर्ज,पुलिस अभी भी कर रही प्रकरण की जांच।
शिक्षा विभाग ने किया शिक्षिका को निलंबित।

शिक्षा विभाग में मची खलबली,अन्य कर्मचारियों को भी सता रहा जांच का डर——राजाखेड़ा उपखंड मुख्यालय के राजकीय महात्मा गांधी विद्यालय बेसिक में वर्षों से तैनात महिला अध्यापिका के अहर्ता दस्तावेजों को शिक्षा विभाग ने जांच में फर्जी ओर कूटरचित पाये जाने पर सोमवार देर शाम ब्लॉक मुख्य शिक्षा अधिकारी ममता गुप्ता ने राजाखेड़ा थाने में अध्यापिका मोनी के विरुद्ध प्रथमिकी दर्ज करवा दी जिसके बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। मंगलवार प्रातः ही शिक्षा विभाग ने आरोपी अध्यापिका को निलंबित कर जांच होने तक उसे मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी के मुख्यालय पर उपस्थित होने के आदेश भी जारी कर दिए।
यह था मामला——
ब्लॉक मुख्य शिक्षा अधिकारी ममता गुप्ता ने मामला दर्ज करवाया है कि मोनी देवी पुत्री प्रेमसिंह निवासी राजाखेड़ा जो कि अध्यापिका लेवल वन जो कि महात्मा गांधी विद्यालय बेसिक में कार्यरत है के दस्तावेजों द्वारा जनपद आगरा के शैक्षक अंक पत्र एवं प्रमाण पत्र माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक के कूटरचित तरीके से अपने निजी हित की पूर्ति कर शिक्षा विभाग राजस्थान में अध्यापिका के पद पर नौकरी प्राप्त की है। जिसकी जांच विभागीय अद्धिकारियो द्वारा पूर्ण करने पर इस सन्दर्भ में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी धौलपुर व जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय माध्यमिक/प्रारम्भिक के आदेश की अनुपालना में आरोपित अध्यापिका के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करवाने के निर्देश दिए गए है। जिसके बाद देर शाम प्रथमिकी दर्ज कर ली गयी।
लंबे समय से चल रही थी जांच——
आरोपी अध्यापिका डेड दशक से भी अधिक समय से राजकीय सेवा में थी। जिसके विरुद्ध उनके ही किसी रिश्तेदार द्वारा कूटरचित दस्तावेजों से नोकरी प्राप्त करने का आरोप लगाते हुए विभाग को शिकायत काफी समय पूर्व की गयी थी। लेकिन विभाग द्वारा जांच के नाम पर शिकायत को दबा कर रखा गया। लेकिन रिश्तेदार द्वारा लगातार उच्चाधिकारियो व जिला कलेक्टर को शिकायत के बाद विभाग हरकत में आया और दस्तावेजों की जांच की तो वे कूटरचित पाए गए। जिसके बाद प्रकरण दर्ज करवाया गया।
ओर भी हो सकते है प्रकरण
——-गोरतलब है कि छेत्र में शिक्षा विभाग में बड़ी संख्या में अध्यापक व अध्यापिकए उत्तरप्रदेश सहित विभिन्न प्रदेशों के बोर्ड व यूनिवर्सिटीज के दस्तावेजों से नोकरी कर रहे है । लेकिन विभाग द्वारा ऐसे कर्मियों का व्यक्तिगक्त सत्यापन नही करवाया गया है।ऐसी ही एक शिकायत को लंबे समय से उठाई जा रही है विभाग अगर शिकायतों की ईमानदारी से जांच कर सत्यापन करवाये तो अन्य भी ऐसे प्रकरण बड़ी संख्या में सामने आ सकते है।हालांकि अध्यापिका के विरुद्ध मामला दर्ज होने के बाद विभाग में खलबली मची हुई है और विद्यालयो में दिन भर इसी प्रकरण की चर्चा होती रही। संवाददाता मनोज राघव राजाखेड़ा