जिद जज्बा और जुनून से शिल्पी बहादुर ने फहराया ग्लैमर इंडस्ट्री में सफलता का परचम
विनोद चड्ढा कुठेड़ा बिलासपुर

दोस्तो आज हम बात कर रहे है दिल्ली की शिल्पी बहादुर की वह एक मॉडल और एक्ट्रेस है।
उन्होंने कहा कि वह इस क्षेत्र में आना नही चाहती थी।लेकिन जिद जज्बा और जुनून से शिल्पी बहादुर ने ग्लैमर इंडस्ट्री में सफलता का झंडा गाड़ा उन्होंने कहा कि उनकी
शादी उनकी पढ़ाई पूरी होने से पहले ही हो गई थी। उन्होंने बताया कि शादी के बाद उन्होनें अपनी उच्च शिक्षा प्राप्त की फिर नौकरी करने की इच्छा हुई, परंतु उनके पति एक उच्च सरकारी अधिकारी है इसलिए हमेशा ट्रांसफर होता रहता है और बच्चे बहुत छोटे थे तो नौकरी का खयाल दिल से निकाल दिया परंतु जिज्ञासु मन हमेशा अपनी छोटी सी पहचान बनाने के लिए आतुर रहता था
जीवन में किसी भी चीज की कमी नहीं थी लेकिन खुद के लिए लगता था कि कुछ तो करू उन्होंने कहा कि उन्हें अक्सर लोग पूछते हैं ग्लैमर क्षेत्र ही क्यों चुना तो उन्होंने कहा शुरू से ही मैंने अपने व्यक्तिव पे ध्यान दिया हर रोज खुद को बेहतर बनाने पे जोर दिया इस बात के कारण मुझे लोगों से मुझे बहुत सराहना मिलती थी तो सोचा क्यों ना कोशिश की जाए
और यकीन मानिए इस क्षेत्र के लोगो ने मुझे हाथो हाथ लिया
और फिर मॉडलिंग के प्रस्ताव आने लगे उन्होंने बताया कि उन्होंने कई सौंदर्य प्रतियोगिताओं में अपना परचम लहराया जिसमे
Mrs दिल्ली फर्स्ट रनर अप रही, Mrs इंडिया ताज फर्स्ट रनर अप रही, Mrs beautiful smile, Mrs beauty with brains, face of the year रही
कई संस्थाओं की ब्रांड एम्बेसडर बनी उन्होंने कहा कि फिर एक्टिंग के प्रस्ताव भी आए तो बो कर रही हूं अनेकों प्रतियोगिताओं में निर्णायक की भूमिका निभा रहीं हू। बहुत सारे रैंप वॉक किए और हां सबसे बड़ी बात कि विभिन्न संस्थाओं द्वारा ढेरों सम्मान प्राप्त हुआ।
वो एक इवेंट कंपनी शिल्पस्मृति स्पार्कलिंग इवेंट्स की डायरेक्टर भी हैं जोकई मॉडल्स को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका दे रही है।
कहने का अभिप्राय है कि छोटी छोटी सीढ़ियों पे निरंतर चढ़ती जा रही हैं।उन्होंने कहा कि “उम्र थका नही सकती
ठोकरें गिरा नही सकती
अगर जीतने की जिद हो
तो परिस्थितियां हरा नही सकती”
इसीलिए मेरा हर औरत से निवेदन है की कभी खुद को कम मत समझो क्यों की आप के हिम्मत और साहस को देख कर आपके बच्चे भी वैसे भी बनेंगे अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी सिर्फ आपकी है खुद के लिए, खुद को बेहतर बनाने के लिए वक्त जरूर निकालो। खुद भी मजबूती से अपने पैरो पर खड़े हो और दूसरी औरतों को भी सहारा दो कभी किसी से अपनी तुलना मत करो क्योंकि हम ईश्वर के बनाए हुए वो फूल है जिसकी अलग अलग रंग, खुशबू और आभा है। अंत में मैं यही कहना चाहती हू कि मेरे परिवार को मुझपे नाज़ है।