झारखंड के गढ़वा का ये वही स्कूल है स्थानीय मुस्लिम वर्ग के लोगों ने प्रार्थना की पुरानी परंपरा को बदलवा दिया है।
– तर्क है कि यहां 75% आबादी मुस्लिमों की है, इसलिए स्कूल में क्या प्रार्थना होगी ये भी मुस्लिम तय करेंगे।
– अब यहां बच्चे प्रार्थना में हाथ नहीं जोड़ेंगे