ठंड से बचाव के लिए प्रशासन ने जारी किए दिशा-निर्देश
देवरिया, (सू0वि0)
शीतलहर और बढ़ती ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन ने नागरिकों, किसानों और पशुपालकों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार राय ने बताया कि ठंड से बचाव के लिए सतर्कता और सावधानी बरतना अत्यंत आवश्यक है।
नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे लंबे समय तक ठंड में रहने से बचें और गर्म कपड़े पहनकर ही बाहर निकलें। ठंड के प्रभाव से अंग सुन्न होने की स्थिति में उनकी मालिश करने से बचें, क्योंकि इससे अधिक नुकसान हो सकता है। इसके साथ ही, शराब का सेवन करने से परहेज करें, क्योंकि यह शरीर का तापमान कम करता है और रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर देता है।
श्री राय ने कहा कि ठंड के शुरुआती संकेत, जैसे कपकंपी, को अनदेखा न करें। यह शरीर की गर्मी खोने का पहला संकेत है। गंभीर स्थिति में व्यक्ति को गर्म स्थान पर ले जाएं और पूरी तरह से सचेत होने के बाद ही तरल पदार्थ दें।
पशुपालकों के लिए सलाह
पशुपालकों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने पशुओं को ठंडी हवाओं से बचाने के लिए उनके आश्रय को चारों तरफ से ढकें। पशुओं को ठंडा पानी और ठंडा चारा देने से बचें। उनके आहार में वसायुक्त भोजन और उच्च गुणवत्ता वाला चारा शामिल करें। आश्रय में नमी और धुएं से बचाव के लिए विशेष ध्यान दें। पशुओं के नीचे सूखी बिछावन सामग्री रखें। उन्होंने अनुरोध किया कि शीतलहर के दौरान पशु मेलों में जाने से बचें और मृत्त पशुओं के शवों को खुले स्थानों पर न फेंकें। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
किसानों के लिए सलाह
शीतलहर और पाले से बचाव के लिए किसानों को फसलों पर हल्की और बार-बार सिंचाई करने की सलाह दी गई है। जहां संभव हो, स्प्रिंकलर सिंचाई का उपयोग करें। फसलों की जड़ों को मजबूत बनाने और पाले से बचाने के लिए फास्फोरस और पोटाश का छिड़काव करें। ठंड प्रतिरोधी फसलों और किस्मों की खेती को प्रोत्साहित किया गया है।