विश्व की सबसे पुरानी चिकित्सा पद्धति है आयुर्वेद – राज्यमंत्री

सलेमपुर, देवरिया। पुरैना स्थित नवयुवक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पर्यावरण संरक्षण एवं शिक्षा प्रचार संस्था वाराणसी द्वारा शतावरी जन जागरण कार्यक्रम एवं छात्रों के लिए मैराथन दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राज्य मंत्री विजयलक्ष्मी गौतम रही। कार्यक्रम के शुरू में मैराथन में प्रतिभाग ले रहे छात्रों को राज्य मंत्री ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। संस्था की अध्यक्ष डॉ निर्मल किशोर ने राज्य मंत्री को अंग वस्त्र एवं पौधा देखकर सम्मानित किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री ने कहा कि आयुर्वेद विश्व के चिकित्सा की सबसे पुरानी पद्धति है जिसके माध्यम से सस्ती और अचूक इलाज होती आई है इस विधा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह जड़ी बूटियों द्वारा मिश्रित कर दवाई बनाई जाती है और इसका कोई भी साइड इफेक्ट नहीं होता, कोरोना काल को याद करते हुए राज्य मंत्री ने कहा कि जब पूरा विश्व कोरोना वायरस की चपेट में था उस दौरान भारत की आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति ने सैकड़ो जान बचाई तथा अनेकों जड़ी बूटियों का लोगों ने सेवन कर अपने शरीर के प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर किया। सरकार आज आयुष मंत्रालय के माध्यम से आयुर्वेद को निरंतर बढ़ावा दे रही है तथा लोगों को आयुर्वेदिक दवाइयों से होने वाले फायदे के बारे में बता रही है इसके अतिरिक्त आयुर्वेद से इलाज के लिए अस्पतालों में अलग-अलग विंग बनाए गए हैं जहां लोग इलाज करा कर स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं इसके अतिरिक्त आयुष विभाग शिक्षा को विनियमित करने और आयुर्वेद के ज्ञान को बढ़ाने के लिए कार्यरत है। आयुष मंत्रालय औषधीय अस्पतालों के नेटवर्क को विकसित कर रहा है जिसके वजह से आज स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हो रही हैं। इस दौरान विशिष्ट अतिथि जयनाथ कुशवाहा ने कहा कि देश में मोदी सरकार बनने के बाद आयुर्वेद को निरंतर बढ़ावा मिल रहा है और आयुर्वेद आज मुख्य चिकित्सा पद्धति बनने की ओर अग्रसर है। इस दौरान जटाशंकर दूबे, प्रो एन के दूबे, प्रधानाचार्य शिवेश कुमार दुबे, जिला मंत्री अभिषेक जायसवाल, मंडल अध्यक्ष पुनीत यादव, अवनीश मिश्र, अशोक पांडेय, धनंजय चतुर्वेदी, मीडिया प्रभारी राजीव मिश्रा, अरुण सिंह, बलबीर सिंह दादा, आनंद उपाध्याय, अभय तिवारी, ललन सिंह, हरिश्चंद्र पांडेय, विनय तिवारी, राजा राम दूबे, अनिल कुमार द्विवेदी इत्यादि मौजूद रहे।
संदीप कुमार मद्धेशिया की रिपोर्ट