जल जीवन मिशन में हुए हजारो करोडों के भ्रष्टाचार मामले में रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल गिरफ्तार

जयपुर 10 अप्रैल 2026

जल जीवन मिशन में हुए हजारो करोडों के भ्रष्टाचार मामले में रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल गिरफ्तार

जयपुर..जल जीवन मिशन में हुए व्यापक भ्रष्टाचार के संबंध में एसीबी ब्यूरो में दर्ज प्रकरण संख्या 245/2024 में आरोपी सुबोध अग्रवाल सेवानिवृत्त अतिरिक्त मुख्य सचिव को दिल्ली गिरफ्तार किया..;!

प्रकरण संख्या 245/2024 के अनुसंधान से फर्म मैसर्स गणपति ट्यूबवैल कम्पनी प्रोपराईटर महेश मित्तल व फर्म मैसर्स श्याम ट्यूबैवल कम्पनी प्रोपराईटर पदमचन्द जैन द्वारा इरकॉन इन्टरनेशनल लि० के फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के उच्च स्तर के अधिकारियों के साथ मिली भगत कर राजस्थान राज्य में उपरोक्त दोनों फर्मों के नाम जारी विभिन्न टेण्डरों में इरकॉन इन्टरनेशनल लि. के फर्जी कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र लगाकर करीब 960 करोड रूपये के टेण्डर प्राप्त कर करोडो रूपयों का भ्रष्टाचार करना प्रकट हुआ इसके अतिरिक्त सुबोध अग्रवाल तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव पीएचईडी एवं अन्य उच्च स्तर के अधिकारियों द्वारा आपराधिक मंशा से मेजर प्रोजेक्टस (50 करोड रूपये से उपर) की निविदाओं में साइट विजिट प्रमाण-पत्र की बाध्यता को नियमो के विरूद्ध निविदा में शामिल कर बोली दाताओ की पहचान को उजागर कर टेण्डर पुलिंग करने के फलस्वरूप 30 से 40 प्रतिशित तक अप्रत्याशित उंचे टेण्डर प्रीमियम प्राप्त हुए, जिनका पीएचईडी के अधिकारियो द्वारा अनुमोदन कर व्यापक स्तर पर पद का दुरूपयोग करना प्रमाणित हुआ है। इन टेंडर की कुल राशि लगभग 20 हजार करोड़ रूपये है।प्रकरण में 10 आरोपीगण दिनेश गोयल हाल मुख्य अभियन्ता प्रशासन, के. डी. गुप्ता हाल मुख्य अभियन्ता ग्रामीण, सुभांशु दीक्षित, तत्कालीन सचिव आरडब्लयूएसएसएमची हाल अति. मुख्य अभियन्ता, जयपुर क्षेत्र-द्वितीय, सुशील शर्मा हाल वितीय सलाहकार अक्षय उर्जा, निरिल कुमार हाल मुख्य अभियन्ता चुरू,विशाल सक्सेना अधिशाषी अभियन्ता हाल निलम्बित, अरूण श्रीवास्तव अतिरिक्त मुख्य अभियन्ता हाल सेवानिवृत, डी. के. गौड तत्कालीन मुख्य अभियन्ता व तकनीकी सदस्य हाल सेवानिवृत, महेन्द्र प्रकाश सोनी तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता हाल सेवानिवृत्त एवं मुकेश पाठक प्राईवेट व्यक्ति को पूर्व में गिरफ्तार किया गया था।

प्रकरण में तीन फरार आरोपीगण मुकेश गोयल तत्कालीन अधीक्षण अभियंता, जितेन्द्र शर्मा तत्कालीन अधिशाषी अभियंता एवं संजीव गुप्ता प्राईवेट व्यक्ति के खिलाफ माननीय न्यायालय द्वारा गिरफ्तारी हेतु स्थायी वारण्ट जारी किये है तथा उक्त तीनों आरोपीगणों को उद्घोषित अपराधी घोषित करवाये जाने एवं उनकी सम्पत्ति कुर्की की कार्यवाही की जा रही है।

माननीय उच्च न्यायालय द्वारा प्रकरण में पांच अन्य आरोपीगण को गिरफ्तारी से राहत प्रदान की हुई है

अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव के सुपरविजन में आरोपी से विस्तृत पूष्ठताछ तथा अग्रिम कार्यवाही जारी हैं…!!

जयपुर से हेमंत दुबे

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