मधुकरपुर हड़ बांदा तालाब को काटने की योजना का ग्रामीणों ने किया विरोध।

बोकारो से ब्यूरो अनिल बरनवाल कि रिपोर्ट

मधुकरपुर हड़ बांदा तालाब को काटने की योजना का ग्रामीणों ने किया विरोध।

बोकारो :प्रचंड गर्मी के बीच बोकारो जिला के कसमार प्रखंड के मधुकरपुर स्थित हड़ बांदा तालाब को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी में यह तालाब आसपास के मवेशियों एवं ग्रामीणों के लिए पानी का मुख्य स्रोत बना हुआ है। ऐसे समय में ठेकेदारी प्रथा के तहत तालाब को काटने की योजना बनाई जा रही है,जिससे लोगों के सामने जल संकट गहरा सकता है।ग्रामीणों ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में इस तालाब का जीर्णोद्धार कराया गया था, जिससे तालाब में पर्याप्त जल संरक्षण होने लगा था। गर्मी के दिनों में पशुओं को इसी तालाब से पानी मिलता है और आसपास के किसानों को भी इसका लाभ होता है। लेकिन अब तालाब को काटने की योजना से ग्रामीण चिंतित हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि तालाब को नुकसान पहुंचाया गया तो क्षेत्र में मवेशियों के लिए पानी की भारी समस्या उत्पन्न हो जाएगी। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जनहित को देखते हुए तालाब काटने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए।ग्रामीणों ने उपायुक्त से हस्तक्षेप कर मामले की जांच कराने तथा तालाब को सुरक्षित रखने की मांग की है। उनका कहना है कि जल संरक्षण आज की सबसे बड़ी जरूरत है और ऐसे जलस्रोतों को बचाना प्रशासन एवं समाज दोनों की जिम्मेदारी है। यह तालाब का जीर्णोद्धार 2019 में हो चुका है जबकि नियम है तालाब को 20 वर्ष के बाद ही योजना कि स्वीकृति मिलनी चाहिएतालाब को इसलिये काटने कि योजना बनाई जा रही है ताकि ठेकेदार और संबंधित विभाग को इस योजना से अधिक लाभ मिल सके

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