राष्ट्रसंत मनोज्ञाचार्य श्री पुलक सागर जी महाराज को मल्टीनेशनल बुक ऑफ़ रिकॉर्ड (लंदन) द्वारा लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से किया गया सम्मानित

जयपुर 2 अगस्त 2026

राष्ट्रसंत मनोज्ञाचार्य श्री पुलक सागर जी महाराज को मल्टीनेशनल बुक ऑफ़ रिकॉर्ड (लंदन) द्वारा लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से किया गया सम्मानित

 

जयपुर.. भीलवाड़ा में आयोजित एक भव्य एवं गरिमामय समारोह में विश्वविख्यात जैन संत, आध्यात्मिक चिंतक एवं प्रेरणास्रोत राष्ट्रसंत मनोज्ञाचार्य श्री पुलक सागर जी महाराज को मल्टीनेशनल बुक ऑफ़ रिकॉर्ड (लंदन) द्वारा लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मल्टीनेशनल बुक ऑफ़ रिकॉर्ड (लंदन) के भारत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) कृष्ण कुमार उपाध्याय ने जैन समाज के विशाल एवं भव्य समारोह में पूज्य गुरुदेव को सम्मान-पत्र प्रदान कर उनके आध्यात्मिक, सामाजिक एवं मानवीय योगदान का अभिनंदन किया।
अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में श्री कृष्ण कुमार उपाध्याय ने कहा कि राष्ट्रसंत मनोज्ञाचार्य श्री पुलक सागर जी महाराज ने अपने ज्ञान, तप, संयम, अहिंसा एवं मानवता के संदेश से करोड़ों लोगों के जीवन को नई दिशा प्रदान की है। उनका व्यक्तित्व एवं कृतित्व आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। यह सम्मान उनके राष्ट्र एवं समाज के प्रति अमूल्य योगदान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली गौरवपूर्ण पहचान है।
इस सम्मान समारोह के उपरांत उपस्थित श्रद्धालुओं एवं समाजजनों ने हर्ष व्यक्त करते हुए पूज्य गुरुदेव का अभिनंदन किया तथा इस सम्मान को सम्पूर्ण जैन समाज के लिए गर्व का विषय बताया।
इस अवसर पर संस्था की कोऑर्डिनेटर गरिमा जैन, AEN सपना शर्मा, अखिल भारतीय पुलक जन चेतना मंच परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद फाँदोत,
रसिक लाल धारीवाल,
संघ पति प्रदीप मामा भोपाल
उदयपुर,महिला मंच की राष्ट्रीय अध्यक्ष मीना झाँझरी,राष्ट्रीय महामंत्री बीना टोंग्या,
भीलवाड़ा चातुरमास समिति अध्यक्ष प्रवीण चौधरी महामंत्री जय कुमार पाटनी, संरक्षक शोभा ताई, रसिक लाल धारीवाल पुणे सहित अनेक गणमान्य नागरिक, समाजसेवी, धर्मप्रेमी एवं जैन समाज के वरिष्ठजन उपस्थित रहे।मल्टीनेशनल बुक ऑफ़ रिकॉर्ड (लंदन) द्वारा प्रदान किया गया यह लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड राष्ट्रसंत मनोज्ञाचार्य श्री पुलक सागर जी महाराज के आजीवन आध्यात्मिक, नैतिक एवं सामाजिक योगदान के प्रति अंतरराष्ट्रीय सम्मान एवं कृतज्ञता का प्रतीक है।

जयपुर से हेमंत दुबे

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