बोकारो से ब्यूरो अनिल बरनवाल कि रिपोर्ट
गोमिया की किसान बेटी दीपा कुमारी ने NEET में लहराया परचम, ऑल इंडिया रैंक 8875
इरादे मजबूत हों तो संसाधनों की कमी भी मंजिल की राह नहीं रोक सकती। इसका जीता-जागर उदाहरण बोकारो जिला क़े गोमिया क्षेत्र के होसिर रथटांड़ गांव की दीपा कुमारी ने पेश किया है। किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली दीपा ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा नीट में शानदार सफलता हासिल कर डॉक्टर बनने का अपना सपना साकार करने की ओर पहला कदम बढ़ा दिया है।दीपा ने नीट परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 8875 और ओबीसी वर्ग में 3896वीं रैंक प्राप्त की है। पिता तारमेश्वर प्रजापति खेती करते हैं और माता गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद दीपा ने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत कर यह मुकाम हासिल किया।शुरू से ही पढ़ाई में तेज रही दीपा ने गांव के उच्च विद्यालय होसिर से जैक बोर्ड की 10वीं परीक्षा में 90.80 प्रतिशत अंक लाकर बोकारो जिले में 9वां स्थान प्राप्त किया था। इसके बाद 11वीं और 12वीं की पढ़ाई सीबीएसई बोर्ड से अच्छे अंकों से पूरी की। नीट की तैयारी के लिए वह दो साल तक राजस्थान के कोटा में रहकर कोचिंग करती रही।
सफलता के बाद दीपा ने इसका पूरा श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया। उन्होंने कहा कि गांव की लड़कियों के लिए यह संदेश है कि मेहनत और लगन से कोई भी लक्ष्य पाया जा सकता है।दीपा की इस उपलब्धि पर क्षेत्र में खुशी की लहर है। झारखंड प्रजापति कुम्हार महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष देवनारायण प्रजापति ने उनके घर पहुंचकर बधाई दी। उन्होंने कहा कि दीपा की सफलता गोमिया क्षेत्र के अन्य बच्चों के लिए प्रेरणा बनेगी और यह साबित करती है कि गांव की बेटियां भी बड़े सपने देख सकती हैं और उन्हें पूरा कर सकती हैं।मौके पर तेनुघाट इंटर महाविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर रघुनाथ प्रसाद, गणेश प्रजापति, मोहन प्रजापति, चंदर प्रजापति आदि मौजूद थे।