राजाखेड़ा दिव्यांग पार्क 72 लाख रुपए की राशि से बना , लेकिन 2 वर्ष में बिगड़े हालात,
अपना अस्तित्व खोने की कगार पर बाबू महाराज दिव्यांग पार्क
राजनीतिक हलचल से हुआ 2 साल पहले पार्क का उद्घाटन

pur
lराजाखेड़ा। राजाखेड़ा नगरपालिका इन दिनों अपनी जिम्मेदारी भूलती नजर आ रही है आए दिन राजाखेड़ा कस्बे में कुछ न कुछ लापरवाही जैसी स्थिति नजर आती है, कहने को तो राज सरकार मानव जीवन को स्वस्थ जीवन व निरोगी जीवन का आधार मानते हुए प्रत्येक स्थान पर ओपन जिम व पार्क बनवाने का कार्य कर रही है लेकिन पार्क बनने के बाद उसका रखरखाव भी उससे बड़ी जिम्मेदारी बन जाती है।
ऐसा ही हाल राजाखेड़ा नगरपालिका क्षेत्र में चौधरी बाग रोड पर बने बाबू महाराज दिव्यांग पार्क का हो गया है जहां नगरपालिका का ध्यान बिल्कुल है ही नहीं और एक बड़ी उम्मीद से बने पार्क के बाद जो जिम्मेदारी जिम्मेदारों की बन जाती है उस जिम्मेदारी से जिम्मेदार दूर नजर आते हैं पार्क में बुधवार दोपहर जब देखा गया जहां पता नहीं कब से सफाई नहीं हुई और पार्क में बनी कुर्सियां एवं झूले ध्वस्त नजर आये, जमीन में लगी लाइटे एवं खम्भो पर लगी लाइट आएगी खराब पड़ी है इसके अलावा वहां कुछ ऐसा नजर नहीं आया जहां लगे कि इस पार्क का शहरवासी कुछ लाभ ले प रहे हैं।हालांकि प्रशासन के साथ जिम्मेदारी आम नागरिक की भी बनती है कि वह सरकारी संपत्ति को नुकसान न पहुंचाकर उसको राज्य की धरोहर के रूप में ले और उसका ध्यान रखे लेकिन राजाखेड़ा में हालात जागरूकता भरे नजर आते ही नहीं है और यही वजह है कि यहां यथा राजा तथा प्रजा की कहावत सिद्ध होती है।
जानकारी के अनुसार यह पार्क करीब 2 साल पहले शहरवासियों के लिए 72 लाख रुपए की राशि से निर्मित हुआ जिसमें सभी सुविधाएं शामिल की गईं और इस पार्क के उदघाटन के 2 बड़े प्रभावशाली नेताओं ने अपना दमखम लगाया था जिसके बाद सत्ताधारी पार्टी के नेता को इसका उद्घाटन करने का अवसर मिला लेकिन उद्घाटन होने के बाद लौट के किसी ने नहीं देखा कि पार्क अब किस हालत में है और वह अब खुद अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ता नजर आ रहा है। ब्यूरो चीफ मनोज राघव धौलपुर