चित्रलेखा श्रीवास की रिपोर्ट
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सुशासन तिहार की शिकायतों पर बड़ा एक्शन: कनकी और सरगबुंदिया के पंचायत सचिव हटाए गए
जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से बढ़ा जनता का भरोसा”सुशासन तिहार की शिकायतों पर बड़ा एक्शन: कनकी-सरगबुंदिया के सचिव हटे, गितेंद्र जायसवाल को मिली दो पंचायतों की कमान”
करतला//सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त शिकायतों पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही तथा विकास कार्यों के लिए प्राप्त शासकीय राशि के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग ने ग्राम पंचायत कनकी और सरगबुंदिया के पंचायत सचिवों का स्थानांतरण कर दिया है।
इस कार्रवाई को सुशासन तिहार की शिकायतों पर प्रशासन की गंभीरता और जवाबदेही के रूप में देखा जा रहा है। त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है। शिकायतकर्ताओं ने जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए इसे पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
कनकी और सरगबुंदिया में हुई कार्रवाई।
जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत कनकी के जनप्रतिनिधियों ने सचिव लक्ष्मीनारायण राजपूत के खिलाफ विकास कार्यों के लिए प्राप्त शासकीय फंड के दुरुपयोग और कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही की शिकायत सुशासन तिहार में दर्ज कराई थी। वहीं ग्राम पंचायत सरगबुंदिया के उपसरपंच, पंचों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने सचिव प्रमोद राठिया पर कार्यों के प्रति उदासीनता और जिम्मेदारियों के निर्वहन में लापरवाही का आरोप लगाया था।
शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने जांच के बाद कार्रवाई करते हुए दोनों सचिवों का स्थानांतरण कर दिया।
गितेंद्र जायसवाल को मिली दो पंचायतों की जिम्मेदारी
जारी आदेश के अनुसार, कनकी के सचिव लक्ष्मीनारायण राजपूत को ग्राम पंचायत अमलडीहा भेजा गया है। वहीं सरगबुंदिया के सचिव प्रमोद राठिया को जनपद पंचायत करतला कार्यालय में संलग्न किया गया है।
इसके साथ ही ग्राम पंचायत अमलडीहा में पदस्थ सचिव गितेंद्र जायसवाल का स्थानांतरण कर उन्हें ग्राम पंचायत कनकी में मूल पदस्थापना दी गई है। प्रशासन ने उनके पूर्व अनुभव और कार्यशैली को देखते हुए ग्राम पंचायत सरगबुंदिया का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा है।
जनप्रतिनिधियों ने जताया आभार
सुशासन तिहार में उठाई गई शिकायतों पर हुई त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में संतोष का माहौल है। शिकायतकर्ताओं ने जिला प्रशासन और जिला पंचायत सीईओ का आभार जताते हुए कहा कि इससे भ्रष्टाचार और लापरवाही पर अंकुश लगेगा तथा पंचायतों में विकास कार्यों की गति और पारदर्शिता बढ़ेगी।