लोकेशन बलरामपुर (U.P )
R9भारत बलरामपुर से ब्यूरोचीफ सुशील श्रीवास्तव की कवरेज
श्रावण मास के प्रथम को जिले के विभिन्न शिवालयों में भगवान भोले शंकर के जलाभिषेक करने के लिए शिवभक्तों की उमड़ी भारी भीड़। बम बम भोले से गूंजे शिवालय।
सावन महीने के पहले सोमवार को औघधड़ानी,भगवान भोले शंकर को जलाभिषेक करने के लिए प्रातःकाल से ही जिले के तमाम शिवालयों में शिवभक्तों की लम्बी लाइन देखने को मिली । महिलाएं,पुरुष और बच्चों ने लाइन में लग कर भगवान भोले शंकर को खुश करने के लिए बेल पत्रों,भांग,धतूरे, फूल आदि से जलाभिषेक किया।
इसी क्रम में जिले के उतरौला तहसील मुख्यालय पर स्थित दुखहरण नाथ मंदिर में स्थित प्राचीन दुर्लभ शिव लिंग का जलाभिषेक करने के लिए प्रातकाल से ही शिव भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस शिवालय की विशेषता है की यह शिवलिंग सीधा न होकर साठ अंश झुका है।
जानकारों की माने तो तत्कालीन राजा ने इस लिंग को हटाने के लिए रस्सी से बांधकर हाथियों से खिंचवाया गया था,लेकिन शिवलिंग अपने जगह से हटा नहीं बल्कि झुक गया। उसके बाद पेड़ काटने वाले आरे से शिवलिंग को कटवाया जाने लगा ,इस दौरान शिवलिंग से खून बहने लगा , तत्पश्चात शिवलिंग को हटाने की कोशिश को रोक दिया गया।जिसके निशान आज भी शिवलिंग पर मौजूद है।
इसी क्रम में जिले के तमाम शिवालयों में शिवभक्तों ने सावन माह के पहले सोमवार को औघड़ानी का जलाभिषेक करके अपने सुख समृद्धि की कामना किया।
इस मौके पर शिवालयों को बिजली के झालरों से सजाया भी गया है और प्रातःकाल से ही शिवालयों पर भगवान भोले शंकर के गुणगान करते भक्ति गीत
की ध्वनि से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है।
जबकि मंदिर के आसपास मेले जैसा माहौल देखने को मिला ।
सुरक्षा के मद्देनजर सभी शिवालयों पर महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की गई है।