तिलकेजा धान खरीदी विवाद में बड़ा खुलासा

तिलकेजा धान खरीदी विवाद में बड़ा खुलासा, 54 बोरी अमानक धान खरीदी करने किसान ने व्यापारियों के साथ बनाया था दबाव..समिति प्रबंधक ने कलेक्टर से मांगी सुरक्षा
चित्रलेखा श्रीवास की रिपोर्ट


कोरबा//आदिवासी सेवा सहकारी समिति तिलकेजा के उपार्जन केंद्र में किसानों के हंगामे धान नहीं खरीदने के आरोप में बड़ा खुलासा है।समिति प्रबंधक ने कलेक्टर को पत्र लिखकर हंगामा करने वाले व्यक्तियों को व्यापारी बताते हुए किसान पर 54 बोरी (21.6 क्विंटल )अमानक धान खरीदने का दबाव बनाने की बात कही है।उन्होंने किसानों से सांठगांठ कर धान खरीदी समिति प्रबंधक ने शांतिपूर्ण पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था हेतु सुरक्षा का प्रबंध करते हुए धान खरीदी तक 2 आरक्षक पदस्थ करने की मांग की है। मामले की जांच करने गए उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं सहित अधिकारी द्वय ने समिति प्रबंधक की शिकायत सही पाया है।
समिति प्रबंधक तिलकेजा ने पत्र में उल्लेख किया है कि समिति में शासन के नियमानुसार धान खरीदी एवं परिवहन का कार्य व्यवस्थित रूप से किया जा रहा है । दिनांक 8 जनवरी को किसान युवराज सिंह एवं जय राम सिंह कंवर का टोकन जारी किया गया था। किसान द्वारा उक्त ट्रेक्टर में 5 ट्रिप में अपना धान फड़ में लाया गया । जिसका ढाला एवं परीक्षण उपरांत मानक 464 बोरी (185 .6 क्विंटल) धान मानक अनुरूप पाया गया जिसकी तत्काल खरीदी की गई । लेकिन 54 बोरा धान (21.6 क्विंटल)अमानक पाया गया। जिसे किसानों के समक्ष पंचनामा कर वापस कर दिया गया। लेकिन इसके बावजूद 9 जनवरी को किसान युवराज सिंह बिना पूर्व सूचना के अपने व्यापारी एवं देवमूरत कंवर,नरोत्तम कंवर ,बुधराम गोंड़ ,संजय राजपूत ,श्रीमति अनिता कैवर्त एवं अन्य लोगों के द्वारा धान उपार्जन केंद्र के सामने अमानक धान खरीदी का दबाव बनाते हुए धरना प्रदर्शन करने लगे। जिससे मौजूदा स्थल पर क्षेत्रीय विधायक फूलसिंह राठिया ,भैसमा तहसीलदार के.के.लहरे द्वारा मौके पर पहुंचकर समझाईश दी गई । तब जाकर खरीदी का कार्य सुव्यवस्थित तरीके से धान खरीदी का कार्य आरंभ कराया गया। किसान एवं व्यापारियों के सांठगांठ एवं अमानक धान खरीदने बनाए गए दबावपूर्ण हंगामेदार माहौल की वजह से शासन की महती योजना धान खरीदी का कार्य बाधित हो गया। इस तरह केंद्र में असुरक्षा की वजह से कर्मचारी शासन के नियमानुसार धान खरीदी का कार्य करने भयभीत एवं लाचार महसूस कर रहे हैं। समिति प्रबंधक ने शेष धान खरीदी अवधि तक 2 आरक्षक पदस्थ करने की मांग की है।

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