दुर्घटना को आमंत्रण दे रहा बरपाली-तुमान मार्ग,

चित्रलेखा श्रीवास की रिपोर्ट
मो.7440269778

दुर्घटना को आमंत्रण दे रहा बरपाली-तुमान मार्ग, जर्जर सड़क की सुध लेने वाला कोई नहीं
तालाबनुमा गड्ढों में भरा बारिश का पानी, जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे ग्रामीण और स्कूली बच्चे


बरपाली/तुमान। बरपाली से तुमान को जोड़ने वाला प्रमुख सड़क मार्ग इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। लंबे समय से जर्जर हालत में पड़े इस मार्ग पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं। बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क और गड्ढों के बीच अंतर करना भी मुश्किल हो गया है। ऐसे में यह मार्ग अब लोगों की सुविधा का माध्यम कम और दुर्घटनाओं को न्योता देने वाला रास्ता अधिक नजर आने लगा है।
बरपाली-तुमान मार्ग से प्रतिदिन आसपास के कई गांवों के ग्रामीण, किसान, मजदूर, विद्यार्थी, महिलाएं, बुजुर्ग और दोपहिया वाहन चालक आवागमन करते हैं। सड़क की खराब स्थिति के कारण लोगों को हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि मार्ग की स्थिति को लेकर कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों और उच्च अधिकारियों तक शिकायत पहुंचाई गई है। सड़क के निर्माण अथवा मरम्मत की मांग भी लगातार की जाती रही है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
शिकायतों के बाद भी सड़क की हालत जस की तस
ग्रामीणों के अनुसार, सड़क की बदहाली कोई नई समस्या नहीं है। लंबे समय से मार्ग खराब स्थिति में है और समय बीतने के साथ इसकी हालत और खराब होती जा रही है। जगह-जगह सड़क का हिस्सा टूट चुका है तथा बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं।
ग्राम के जनप्रतिनिधियों द्वारा भी सड़क की समस्या को शासन-प्रशासन के संज्ञान में लाए जाने की बात कही जा रही है। इसके बावजूद सड़क की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों का सवाल है कि जब सड़क की समस्या की जानकारी संबंधित विभाग को है और लगातार शिकायतें भी की जा रही हैं, तो आखिर अब तक सड़क की सुध क्यों नहीं ली गई?
मुआवजा प्रकरण को बताया जा रहा निर्माण में बाधा
बरपाली-तुमान मार्ग के निर्माण में देरी को लेकर ग्रामीणों के बीच मुआवजा प्रकरण की चर्चा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क से संबंधित कुछ मुआवजा मामलों का निराकरण नहीं होने के कारण निर्माण कार्य प्रभावित होने की बात सामने आ रही है।
हालांकि, मुआवजा प्रकरण की वास्तविक स्थिति क्या है और सड़क निर्माण में यह किस स्तर पर बाधक है, इसकी स्पष्ट जानकारी प्रशासन की ओर से सामने आना अभी बाकी है। यही कारण है कि ग्रामीणों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि वास्तव में मुआवजा प्रकरण सड़क निर्माण में बाधा है, तो शासन-प्रशासन को प्रभावित ग्रामीणों और संबंधित विभाग के बीच समन्वय स्थापित कर मामले का जल्द निराकरण करना चाहिए। सड़क निर्माण की समस्या को लंबे समय तक लंबित रखने से इसका सीधा खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
बड़े-बड़े गड्ढे बन रहे हादसों का कारण
बरपाली-तुमान मार्ग से पकरिया, सालिहाभाठा, गाड़ापाली, नवापारा, पठियापाली, सराईडीह सहित आसपास के अनेक ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का लगातार आवागमन होता है। सड़क पर बने बड़े गड्ढों के कारण वाहन चालकों को हर समय सावधानी बरतनी पड़ती है।
बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है। गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। कई जगह सड़क की सतह और गड्ढे पानी के नीचे पूरी तरह छिप जाते हैं। ऐसे में दोपहिया वाहन चालक यदि अचानक गड्ढे में उतर जाएं तो वाहन अनियंत्रित होने की आशंका बनी रहती है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग पर पहले भी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इसके बावजूद सड़क की हालत में सुधार नहीं होना चिंता का विषय है। लोगों को आशंका है कि यदि समय रहते मार्ग की मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
स्कूली बच्चों की राह बनी मुश्किल
सड़क की बदहाली का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। पकरिया, गाड़ापाली, सराईडीह, पठियापाली सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में बच्चे प्रतिदिन तुमान क्षेत्र में स्कूल जाने के लिए इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं।
सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढों और उनमें भरे पानी के कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। कई बार बड़े वाहन जब गड्ढों से होकर गुजरते हैं तो पानी सड़क के किनारे चल रहे बच्चों पर उछल जाता है, जिससे उनके स्कूल ड्रेस खराब हो जाते हैं।
वहीं, खराब सड़क के कारण दोपहिया वाहन से स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को भी अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए इस मार्ग की स्थिति में तत्काल सुधार किया जाना जरूरी है।
भारी वाहन भी हो रहे परेशान, यातायात पर पड़ रहा असर
बरपाली-तुमान मार्ग केवल दोपहिया और छोटे वाहनों के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि इस मार्ग से बड़ी और भारी गाड़ियों का भी आवागमन होता है। सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण कई बार भारी वाहनों के फंसने की स्थिति भी निर्मित हो जाती है।
बारिश के मौसम में गड्ढों में पानी भर जाने के कारण वाहन चालकों के लिए सड़क की वास्तविक स्थिति का अनुमान लगाना मुश्किल हो जाता है। भारी वाहनों के अनियंत्रित होने या सड़क के किसी हिस्से में फंसने से यातायात भी प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।
‘अगर हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन?’
सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों का सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि प्रशासन को मार्ग की स्थिति की जानकारी है, तो किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार क्यों किया जा रहा है?
ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग से रोजाना स्कूली बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग, किसान, मजदूर और अन्य राहगीर गुजरते हैं। ऐसे में सड़क की स्थिति को केवल आवागमन की समस्या मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह सीधे तौर पर लोगों की सुरक्षा से जुड़ा मामला है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि भविष्य में सड़क की खराब स्थिति के कारण कोई गंभीर हादसा होता है, तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। प्रशासन को किसी दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले ही आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
मुआवजा प्रकरण का जल्द हो निराकरण
ग्रामीणों ने मांग की है कि यदि सड़क निर्माण में मुआवजा प्रकरण वास्तव में बाधक है, तो संबंधित विभाग और प्रशासन प्रभावित लोगों के मामलों का जल्द निराकरण करें। उनका कहना है कि सड़क निर्माण और मुआवजा संबंधी मामलों को लंबे समय तक लंबित रखने से आम जनता को परेशानी हो रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कराने, सड़क की वास्तविक स्थिति का जायजा लेने और मुआवजा प्रकरण की स्थिति सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करने की मांग की है। साथ ही सड़क निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग भी उठाई गई है।
स्थायी निर्माण तक तत्काल मरम्मत की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क के स्थायी निर्माण में अभी समय लग रहा है तो कम से कम खतरनाक गड्ढों को तत्काल भरकर मार्ग को आवागमन के योग्य बनाया जाए। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भरने की समस्या को देखते हुए उन स्थानों को चिन्हित कर आवश्यक सुरक्षा उपाय भी किए जाएं।
लोगों का कहना है कि सड़क के स्थायी निर्माण में भले ही प्रशासनिक प्रक्रिया या अन्य कारणों से समय लगे, लेकिन आम जनता की सुरक्षा से जुड़ी तत्काल मरम्मत को टाला नहीं जाना चाहिए।
ग्रामीणों में बढ़ रहा आक्रोश
लगातार खराब सड़क और समस्या के समाधान में हो रही देरी से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बरपाली-तुमान मार्ग केवल एक गांव को दूसरे गांव से जोड़ने वाली सड़क नहीं है, बल्कि यह आसपास के अनेक गांवों के लोगों के दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इसी मार्ग से किसान अपने खेतों और बाजार तक पहुंचते हैं, मजदूर अपने काम पर जाते हैं और विद्यार्थी स्कूल पहुंचते हैं। मरीजों और जरूरतमंद लोगों के लिए भी यह मार्ग महत्वपूर्ण है। ऐसे में सड़क की बदहाली का असर बड़ी संख्या में लोगों पर पड़ रहा है।
अब सवाल—कब जागेगा प्रशासन?
बरपाली-तुमान मार्ग की बदहाल स्थिति कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है? मुआवजा प्रकरण की वास्तविक स्थिति क्या है? सड़क निर्माण में कितना समय और लगेगा? और सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही इस मार्ग की सुध लेगा?
ग्रामीणों को अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि मौके पर दिखाई देने वाला समाधान चाहिए। लोगों की मांग है कि शासन-प्रशासन तत्काल सड़क का निरीक्षण कराकर आवश्यक मरम्मत कार्य शुरू कराए और यदि मुआवजा प्रकरण के कारण स्थायी निर्माण अटका हुआ है तो उसका भी शीघ्र निराकरण किया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि बरपाली-तुमान मार्ग पर तत्काल ध्यान नहीं दिया गया तो बारिश के मौसम में स्थिति और गंभीर हो सकती है। सड़क की मरम्मत और निर्माण में देरी किसी बड़ी दुर्घटना का कारण न बने, इसके लिए प्रशासन को समय रहते ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से भुवन सिंह कंवर, बबलू कंवर, तुमान के पंच प्रतिनिधि फिरोज खान, शशिकांत पटेल एवं संतोष पटेल सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।

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