ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच देना हम सभी की जिम्मेदारी : सुदेश महतो खेल युवाओं में अनुशासन,संघर्ष और नेतृत्व की भावना पैदा करता है : लंबोदर महतो

बोकारो से ब्यूरो अनिल बर्नवाल की रिपोर्ट

ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच देना हम सभी की जिम्मेदारी : सुदेश महतो खेल युवाओं में अनुशासन,संघर्ष और नेतृत्व की भावना पैदा करता है : लंबोदर महतो

बोकारो। कादलोवा (भंडरो), चास में आयोजित स्व. शिवनाथ महतो मेमोरियल फुटबॉल प्रतियोगिता में आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो तथा गोमिया के पूर्व विधायक डॉ. लंबोदर महतो शामिल हुए। दोनों नेताओं ने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया तथा आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर खिलाड़ियों और खेलप्रेमियों को संबोधित करते हुए सुदेश कुमार महतो ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत है कि इन प्रतिभाओं को उचित मंच, बेहतर अवसर और प्रोत्साहन मिले। उन्होंने कहा कि गांवों के खेल मैदान केवल प्रतियोगिता का स्थान नहीं, बल्कि युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण की पाठशाला हैं। खेल के माध्यम से युवाओं में अनुशासन, मेहनत, टीम भावना, संघर्ष और नेतृत्व जैसे गुण विकसित होते हैं।
उन्होंने कहा कि स्व. शिवनाथ महतो की स्मृति में आयोजित यह प्रतियोगिता ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर रही है। ऐसे आयोजनों से न केवल खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ता है, बल्कि गांवों में खेल के प्रति सकारात्मक वातावरण भी तैयार होता है। उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर खेल प्रतियोगिताओं का निरंतर आयोजन होना चाहिए, ताकि क्षेत्र के युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने के लिए लगातार मंच मिलता रहे।
सुदेश महतो ने कहा कि आज के युवा ऊर्जा और प्रतिभा से भरपूर हैं। यदि उनकी ऊर्जा को सही दिशा मिले तो वे खेल के साथ-साथ समाज और राज्य का नाम भी रोशन कर सकते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से खेल भावना के साथ मैदान में उतरने, अनुशासन बनाए रखने और जीत-हार से ऊपर उठकर अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एक खिलाड़ी की असली पहचान केवल उसकी जीत से नहीं, बल्कि उसके संघर्ष, अनुशासन और खेल भावना से होती है।वहीं गोमिया के पूर्व विधायक डॉ. लंबोदर महतो ने कहा कि खेल युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में आयोजित फुटबॉल प्रतियोगिताएं स्थानीय खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देती हैं। खेल के मैदान से युवाओं में अनुशासन, संघर्ष करने की क्षमता, नेतृत्व और टीम के साथ मिलकर आगे बढ़ने की भावना मजबूत होती है।
डॉ. लंबोदर महतो ने कहा कि झारखंड की मिट्टी में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। गांव-गांव में ऐसे युवा हैं, जिनमें आगे बढ़ने की पूरी क्षमता है। आवश्यकता केवल उन्हें उचित मंच और प्रोत्साहन देने की है। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों, जनप्रतिनिधियों और खेल संगठनों को मिलकर ग्रामीण खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने स्व. शिवनाथ महतो को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनकी स्मृति में आयोजित यह प्रतियोगिता उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने आयोजन समिति को बधाई देते हुए कहा कि खेल प्रतियोगिताओं के माध्यम से युवाओं को स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का अवसर मिलता है और उनमें सकारात्मक सोच विकसित होती है। उन्होंने खिलाड़ियों से पूरी मेहनत और लगन के साथ खेलते हुए अपने क्षेत्र और झारखंड का नाम रोशन करने की अपील की।
दोनों नेताओं ने प्रतियोगिता में शामिल सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि खेल को केवल जीत और हार के नजरिए से नहीं देखना चाहिए, बल्कि इसे जीवन में अनुशासन, आत्मविश्वास और संघर्ष की सीख देने वाले माध्यम के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए ऐसे आयोजन लगातार होते रहने चाहिए।
इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, खेलप्रेमी, खिलाड़ी एवं आयोजन समिति के सदस्य उपस्थित रहे। प्रतियोगिता को लेकर स्थानीय लोगों में भी उत्साह देखने को मिला। उपस्थित अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

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