बोकारो से ब्यूरो अनिल बरनवाल कि रिपोर्ट
अल्टीमेटम के बाद भी नहीं खाली हुए क्वार्टर, बिजली विभाग जारी करेगा दूसरा नोटिस।
बोकारो जिला के कथारा विद्युत सब स्टेशन परिसर स्थित सरकारी आवासों को खाली कराने की प्रक्रिया तेज हो गई है। विभाग द्वारा दिए गए सात दिनों के अल्टीमेटम की अवधि समाप्त होने के बावजूद अधिकांश आवास खाली नहीं होने पर बिजली विभाग अब दूसरा नोटिस जारी करने की तैयारी में है। इस बीच विभागीय अधिकारियों के निरीक्षण के बाद कॉलोनी में रहने वाले परिवारों की चिंता और बढ़ गई है।जानकारी के अनुसार हाल ही में चास से सिविल एक्जीक्यूटिव, एसडीओ राजेश बिरुआ तथा सिविल इंजीनियर पंकज कुमार कथारा सब स्टेशन पहुंचे और पूरे परिसर का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सरकारी आवासों में रह रहे लोगों से मुलाकात कर जल्द से जल्द आवास खाली करने की चेतावनी दी। निरीक्षण के दौरान प्रस्तावित ट्रांसफार्मर रिपेयरिंग वर्कशॉप (टीआरडब्ल्यू) के निर्माण को लेकर भी चर्चा की गई। कार्यालय सहायक संतोष कुमार ने बताया कि विभाग द्वारा पूर्व में जारी नोटिस की समय-सीमा समाप्त हो चुकी है, लेकिन अभी तक अधिकांश लोगों ने आवास खाली नहीं किया है। ऐसे में विभाग नियमानुसार अगला नोटिस जारी करने की प्रक्रिया में है। इसके बाद भी आवास खाली नहीं होने पर विभाग कानूनी कार्रवाई कर सकता है। बताया जाता है कि कथारा विद्युत सब स्टेशन परिसर में कुल 32 सरकारी आवास हैं। इनमें कई आवासों में वर्षों से गैर-कर्मचारी परिवार निवास कर रहे हैं। विभाग की योजना पुराने आवासों को हटाकर यहां ट्रांसफार्मर रिपेयरिंग वर्कशॉप स्थापित करने की है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार वर्तमान में बोकारो जिले के कंडेर, महुआटांड़, जगेश्वर कुंडा, बड़की पुन्नू, छोटकी पुन्नू, कर्री, चतरोचट्टी, हुडलुग, अमन बलथरवा, झूमरा पहाड़ सहित कई दुर्गम क्षेत्रों के खराब ट्रांसफार्मरों को मरम्मत के लिए चास भेजना पड़ता है। इससे समय और संसाधनों दोनों की अतिरिक्त खपत होती है। यदि कथारा में ही ट्रांसफार्मर रिपेयरिंग वर्कशॉप स्थापित हो जाती है तो क्षेत्र के सैकड़ों गांवों और उपभोक्ताओं को इसका सीधा लाभ मिलेगा। खराब ट्रांसफार्मरों की मरम्मत शीघ्र हो सकेगी तथा विद्युत आपूर्ति बहाल करने में लगने वाला समय भी काफी कम हो जाएगा। दूसरी ओर, कॉलोनी में रहने वाले परिवारों का कहना है कि वे कई वर्षों से यहां रह रहे हैं और अचानक आवास खाली करने के आदेश से उनके सामने गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। उनका कहना है कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण इतनी जल्दी वैकल्पिक व्यवस्था करना संभव नहीं है। प्रभावित परिवारों ने सरकार और बिजली विभाग से मानवीय आधार पर राहत देने तथा पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग की है। अब सबकी नजर बिजली विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। यदि दूसरा नोटिस जारी होता है तो कथारा सब स्टेशन कॉलोनी में रह रहे परिवारों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं, वहीं विभाग टीआरडब्ल्यू परियोजना को जल्द शुरू करने के लिए प्रयासरत है।