जरंगडीह की कॉलोनियों में गंदे पानी की सप्लाई, लोगों ने सीसीएल प्रबंधन से साफ पानी की मांग।

बोकारो से ब्यूरो अनिल बरनवाल कि रिपोर्ट

जरंगडीह की कॉलोनियों में गंदे पानी की सप्लाई, लोगों ने सीसीएल प्रबंधन से साफ पानी की मांग।

बोकारो जिला क़े कथारा स्थित जरंगडीह क्षेत्र की कई कॉलोनियों में पिछले के दिनों से पीले एवं गंदे पेयजल की आपूर्ति होने से लोगों में भारी नाराजगी है। अपर बंगला, टाटा ब्लॉक, एमटीएस कॉलोनी, आरआर शॉप क्षेत्र सहित जरंगडीह की विभिन्न कॉलोनियों के लोगों को स्वच्छ पेयजल नहीं मिल पा रहा है। दूषित पानी की आपूर्ति को लेकर स्थानीय लोगों ने सीसीएल प्रबंधन से अविलंब सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है।अपर बंगला निवासी युवा कांग्रेसी नेता रिंटू सिंह उत्तरी पंचायत जरंगडीह पंसस अरुणा कुमारी, टाटा ब्लॉक की शिमा देवी बीएमएस जरंगडीह शाखा सचिव नन्द किशोर तथा बीएंडके साइडिंग में कार्यरत मनोज कुमार सिंह ने बताया कि पिछले कई दिनों से सीसीएल की पेयजल आपूर्ति अनियमित बनी हुई है। उनका कहना है कि जब पानी की आपूर्ति होती भी है तो उसका रंग काफी पीला रहता है, जिससे ऐसा प्रतीत होता है मानो बिना समुचित शुद्धिकरण के सीधे नदी का पानी सप्लाई कर दिया गया हो। उन्होंने कहा कि इस पानी का उपयोग न तो पीने के लिए सुरक्षित प्रतीत होता है और न ही घरेलू कार्यों के लिए उपयुक्त है। बरसात के मौसम में ऐसे पानी के उपयोग से जलजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे लोगों में चिंता व्याप्त है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि कई बार उन्हें मजबूर होकर अन्य स्रोतों से पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है। उन्होंने सीसीएल प्रबंधन से फिल्टर प्लांट की व्यवस्था में तत्काल सुधार करते हुए नियमित रूप से स्वच्छ एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है।इस संबंध में जरंगडीह फिल्टर प्लांट के प्रभारी योगेन्द्र सोनार ने दूरभाष पर बताया कि फिल्टर प्लांट से पूरी तरह साफ पानी की आपूर्ति की जा रही है कोई भी व्यक्ति आकर इसकी जांच कर सकता है। उन्होंने कहा कि कभी-कभी फिटकरी की मात्रा कम होने के कारण पानी में हल्का पीलापन दिखाई दे सकता है, लेकिन पानी का शुद्धिकरण निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आवश्यकता से अधिक फिटकरी मिलाना भी उचित नहीं है, क्योंकि इससे पानी की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ-साथ स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। बताया कि फिल्टर प्लांट के कर्मचारी सीमित संसाधनों के बावजूद लगातार बेहतर पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं।
इधर स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बरसात के मौसम में दूषित पेयजल की आपूर्ति गंभीर चिंता का विषय है। उनका कहना है कि जलजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए सीसीएल प्रबंधन को इस समस्या का स्थायी समाधान निकालते हुए नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना चाहिए।

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