बोकारो से ब्यूरो अनिल बरनवाल की रिपोर्ट
साडम बंगाली टोला में धूमधाम से मनाई गई बिपत्तरिणी पूजा, सैकड़ों महिलाओं ने की माता की आराधना
बोकारो जिला क़े बेरमो अनुमंडल के साडम स्थित बंगाली टोला में बिपत्तरिणी पूजा बड़ी धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर सैकड़ों महिलाएं फल और पकवान लेकर मां काली मंदिर पहुंची और माता से परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। बिपत्तरिणी पूजा हर साल रथ यात्रा के द्वितीया और उल्टे रथ की दशमी के बीच पड़ने वाले पहले मंगलवार या शनिवार को की जाती है। मान्यता है कि मां बिपत्तरिणी देवी दुर्गा का ही रूप हैं। ‘विपदा’ यानि संकट और ‘तारिणी’ यानि मुक्ति दिलाने वाली। पूजा के दौरान माता को 13 प्रकार के फल, 13 प्रकार के फूल और 13 तरह की मिठाइयों का भोग लगाया गया। महिलाओं ने 13 गांठों वाला लाल पवित्र धागा कलाई में बांधा। पंडित जी ने ‘बिपत्तरिणी व्रत कथा’ सुनाई।मोहितोष चक्रवर्ती, पुजारी ने कहा बिपत्तरिणी माता भक्तों को सभी प्रकार के संकटों से बचाती हैं। यह व्रत मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल, असम, ओडिशा और झारखंड की महिलाएं करती हैं। मान्यता है कि इस पूजा से परिवार की विपत्तियां दूर होती हैं, पति की लंबी उम्र और बच्चों की सुरक्षा होती है।पूजा को लेकर मंदिर परिसर को फूलों और झालरों से सजाया गया था। महिलाओं ने व्रत रखकर माता की पूजा-अर्चना की और प्रसाद ग्रहण किया। माहौल भक्तिमय रहा।