बाबा सिद्धेश्वर नाथ के दर पर उमड़ा शिव भक्तों का जनसैलाब
(शिव महापुराण के प्रथम दिवस पर तारकासुर भगवान गणेश के जन्म की कथा का किया बखान)
भीमपुर इदरीश विरानी

आज के सांसारिक परिवेश में हम बहू से कुशल संस्कार उत्तम सेवा की अपेक्षा करते हैं उसके लिए हम सबको सबसे पहले अपनी बेटियों को उच्च संस्कार सेवा भाव मान सम्मान और ससुराल को ही अपना जीवन मानने की शिक्षा देना पड़ेगा क्योंकि गोस्वामी तुलसीदास जी ने राम चरित्र मानस के अंतर्गत लिखा है पराधीन सपने हूं सुख नाही स्त्री को पराधीन रह कर ही अपना जीवन यापन कर मायका एवं ससुराल पक्ष दोनों कुलों का मान बढ़ाना पड़ता है उक्त उद्गार परम भागवत आचार्य नर्मदा पुत्र शिव साधक पंडित शिवम कृष्णा बुधौलिया ने पूर्णा नगरी भैंसदेही के प्राचीन शिव मंदिर बाबा सिद्धेश्वर धाम पर प्रतिमा अनावरण समारोह के अंतर्गत शिव महापुराण के सप्तम दिवस पर व्यक्त किए उन्होंने कहा कि जो स्त्री अपने पति के प्रति परिणय बंधन को लेकर जिम्मेदार नहीं रहती है उसे द्वार पर भी पापों की सजा मिलती है कथा सत्संग के दौरान शिवम कृष्ण बुधौलिया ने शनिवार को शंकर पार्वती के सुंदर विवाह का बुंदेलखंड भाषा का समय-समय पर प्रयोग करते हुए श्रोताओं के समक्ष सुंदर चित्रण किया रविवार को कथा के अंतर्गत उन्होंने बताया कि तारकासुर के 3 पुत्र थे तीनों ने ब्रह्मा जी की तपस्या कर वरदान मांगा कि हम तीनों को अकेले में कोई भी नहीं मार सके इसके साथ ही शिव पुराण कथा में सिद्धिविनायक विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश के जन्म की भी सुंदर कथा शिव भक्तों के समक्ष रखी गई जिसमें मध्यप्रदेश के गौरव के रूप में झांकी के लोकप्रिय कलाकार मास्टर मुकेश सूर्यवंशी एवं दुर्गा द्वारा भगवान गणेश की सुंदर झांकी का भी चित्रण किया गया गौरतलब हो कि 15 मई से लेकर 23 मई तक प्राचीन शिव मंदिर संस्थान पर समस्त नगर वासियों के सहयोग से शिव महापुराण का प्रतिदिन दोपहर 3:00 से सायंकाल 6:00 बजे तक आयोजन किया गया है मंगलवार को कथा का पावन समापन होगा प्रतिदिन कथा सत्संग में बाबा सिद्धेश्वर नाथ के दर पर हजारों कथा अनुरागी पहुंचकर कथा सत्संग का लाभ ले रहे हैं इस कथा का सीधा प्रसारण भी यूट्यूब के शिव सुधा चैनल पर किया जा रहा है