नौतपा की तपिश में एडवोकेट, पत्रकार एवं आमजन बने सहारा, बेजुबानों के लिए परिंडे और पानी की टंकियां
धौलपुर
भीषण गर्मी और नौतपा की आग उगलती दोपहरी में जब आमजन का बुरा हाल है, तब बेजुबान पशु-पक्षियों की पीड़ा और भी ज्यादा है। इसी पीड़ा को समझते हुए धौलपुर में एडवोकेट, पत्रकार एवं आमजन ने मिलकर सामाजिक सरोकार निभाया है।

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मई-जून की इस तपती गर्मी में पक्षियों के गले सूख रहे हैं और आवारा पशु पानी की तलाश में भटक रहे हैं। ऐसे में शहर के अधिवक्ताओं, पत्रकारों और स्थानीय नागरिकों ने एकजुट होकर बेजुबानों के लिए पानी की व्यवस्था का बीड़ा उठाया है।
पक्षियों के लिए परिंडे
अधिवक्ताओं, पत्रकारों और आमजन द्वारा शहर के विभिन्न चौराहों, सार्वजनिक स्थानों, मोहल्लों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों के पेड़ों पर मिट्टी के परिंडे बांधे जा रहे हैं। इन परिंडों में रोजाना ताजा पानी भरा जा रहा है ताकि चिड़िया, कबूतर और अन्य पक्षी अपनी प्यास बुझा सकें।
पशुओं के लिए टंकियां
वहीं सड़कों, मंदिरों के पास और सुनसान इलाकों में बेसहारा गाय, कुत्ते, बंदर जैसे जानवरों के लिए लोगों ने खुद की ओर से बड़ी पानी की टंकियां रखवाई हैं। इन टंकियों में रोजाना पानी भरा जाता है, जिससे सैकड़ों बेजुबान जानवरों को राहत मिल रही है।
पूर्व अभिभाषक संघ अध्यक्ष प्रशांत हुंडावाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि न्यायालय में हम इंसानों के अधिकारों की बात करते हैं, पर प्रकृति और उसके जीवों का भी हम पर उतना ही हक है। नौतपा में एक बर्तन पानी रख देना भी सबसे बड़ा पुण्य का काम है। उन्होंने अधिवक्ता समुदाय से अपील की कि वो भी इस सेवा कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।
एडवोकेट प्रमोद शर्मा ने कहा कि कानून हमें दया और करुणा सिखाता है। जब इंसान अपने स्वार्थ में अंधा हो जाता है तब ये बेजुबान जानवर सबसे पहले पीड़ित होते हैं। एडवोकेट, पत्रकार एवं आमजन का यह संयुक्त प्रयास पूरे समाज को नई दिशा देगा। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को अपने स्तर पर एक परिंडा जरूर लगाना चाहिए।
सेवा ही संकल्प
अधिवक्ताओं, पत्रकारों और स्थानीय लोगों का कहना है कि नौतपा के 9 दिन धरती का तापमान सबसे ज्यादा होता है। इस दौरान प्रकृति के साथ-साथ जीव-जंतुओं का जीवन संकट में पड़ जाता है। प्रशासन के साथ-साथ समाज की भी जिम्मेदारी है कि वो इन बेजुबानों के लिए पानी की व्यवस्था करे।
आमजन से भी अपील की गई है कि वो अपने घर की छत, बालकनी, दुकान या मोहल्ले में एक मिट्टी का बर्तन पानी से भरकर रखें। एक छोटा सा प्रयास किसी पक्षी की जान बचा सकता है।
स्थानीय युवा, अधिवक्ता और पत्रकार एवं आमजन प्रतिदिन सुबह-शाम परिंडे और टंकियों की सफाई कर उन्हें फिर से भर रहे हैं। गर्मी कम होने तक यह सेवा अभियान लगातार जारी रहेगा।
नौतपा की इस तपिश में एडवोकेट, पत्रकार एवं आमजन का यह सामाजिक सरोकार न सिर्फ पशु-पक्षियों के लिए जीवनदान है, बल्कि इंसानियत की सबसे बड़ी मिसाल भी है। रमा पंडित, सचिन पाराशर ,सार्थक उपाध्याय ,हिमांशु , धीरेंद्र कुशवाह, मीनेश मीना, अनिल मीणा, हेमंत सिंह, अनुराग कटारा, अजीत , रजित शर्मा रमाकांत शर्मा अजीत परिहार हरवीर शर्मा भानु शर्मा सहित कई लोग मौजूद रहे। संवाददाता ब्यूरो चीफ मनोज राघव धौलपुर