बोकारो से ब्यूरो अनिल बरनवाल कि रिपोर्ट
धक्का लगती गाड़ी की तस्वीर लेना पड़ा भारी”: महिला मजिस्ट्रेट पर पत्रकार से दुर्व्यवहार का आरोप, बोकारो के पत्रकारों में आक्रोश
बोकारो में एक पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। पत्रकार संगठनों ने इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए संबंधित मजिस्ट्रेट के खिलाफ मोर्चा खोलने के संकेत दिए हैं
जानकारी के अनुसार, मजिस्ट्रेट जया कुमारी पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र में किसी सरकारी कार्य से गई थीं। इसी दौरान उनकी सरकारी गाड़ी रास्ते में खराब हो गई। बताया जाता है कि जब कुछ लोग गाड़ी को धक्का देकर हटाने का प्रयास कर रहे थे, तभी दैनिक भास्कर से जुड़े पत्रकार युधिष्ठिर महतो ने उस दृश्य की तस्वीर अपने मोबाइल से ले ली।पत्रकार युधिष्ठिर महतो का आरोप है कि फोटो खींचे जाने के बाद मजिस्ट्रेट जया कुमारी नाराज हो गईं और उनसे फोटो डिलीट करने को कहा। जब उन्होंने फोटो हटाने से इनकार किया, तो कथित तौर पर उन्हें जबरन पिंड्राजोरा थाना ले जाया गया और पुलिस के हवाले कर दिया गया।हालांकि, घटना की जानकारी मिलते ही जिले के पत्रकारों में भारी आक्रोश फैल गया। पत्रकारों के विरोध और दबाव के बाद पुलिस ने युधिष्ठिर महतो को छोड़ दिया।इस घटना को लेकर बोकारो के पत्रकारों ने इसे पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर सीधा हमला करार दिया है। पत्रकारों के बीच इस बात को लेकर नाराजगी है कि एक पत्रकार को केवल तस्वीर लेने के कारण थाने तक ले जाया गया।इधर,झारखंड यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (JUJ) बोकारो जिला इकाई ने घटना की कड़ी निंदा की है। जिला अध्यक्ष कृष्णा चौधरी ने कहा कि अधिकारी की दादागिरी नहीं चलेगी। पत्रकारों का सम्मान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सुरक्षित रहनी चाहिए।”
मामले को लेकर अब सबकी नजर बोकारो के उपायुक्त अजय नाथ झा पर टिकी है कि प्रशासन इस पूरे प्रकरण में क्या रुख अपनाता है और क्या किसी प्रकार की जांच या कार्रवाई की जाती है।
बताया गया कि इस संबंध में उपायुक्त से मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन बात नहीं हो सकी।