बोकारो से ब्यूरो अनिल बर्नवाल की रिपोर्ट
कसमार मे करम डाली की छांव में किशोरियों ने लिया बाल विवाह मुक्त का संकल्प संकल्प
झारखंड के पारंपरिक लोकपर्व करम महोत्सव पर इस बार बोकारो जिला के कसमार प्रखंड में आस्था के साथ-साथ एक अनूठी सामाजिक क्रांति की तस्वीर देखने को मिली। पर्व के माहौल के बीच विभिन्न गांवों की किशोरियों ने करम डाली को साक्षी मानकर समाज से बाल विवाह जैसी कुप्रथा को हमेशा के लिए उखाड़ फेंकने क संकल्प लिया। सहयोगिनी बोकारो के तत्वावधान में चलाए जा रहे बाल विवाह मुक्त अभियान के तहत कसमार प्रखंड के खैराचातर, हिसीम, केदला,सोनपुरा, पोंडा, गरी , पिरगुल समेत विभिन्न क्षेत्रों में करम पर्व पर विशेष उत्साह और जागरूकता नजर आई। सभी जगहों पर किशोरी मंडली की सदस्यों ने आगे आकर समाज को एक मजबूत और सकारात्मक संदेश दिया। इस दौरान सोनपुरा, केदला,खैराचातर और पिरगुल के करम अखाड़ा परिसरों में सैकड़ों किशोरियों ने एक स्वर में शपथ ली कि वे न तो खुद बाल विवाह करेंगी और न ही अपने समाज में इसे होने देंगी। पर्व के अंतिम दिन बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, बाल संरक्षण और बच्चों के कानूनी अधिकारों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां किशोरियों व ग्रामीण महिलाओं के साथ साझा की गईं। सहयोगिणी की सचिव कल्याणी सागर ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के बचपन और उनके सुनहरे भविष्य के सभी अवसरों को छीन लेता है। करम जैसे सांस्कृतिक पर्वों के माध्यम से समुदाय को जागरूक करना एक बेहद प्रभावशाली कदम है, जिससे समाज में व्यापक बदलाव आ रहा है। समारोह को सफल बनाने में सहयोगिनी बोकारो के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ संबंधित गांवों की किशोरी क्लब की सदस्य और ग्रामीण महिलाएं में मंजू देवी, कुमारी किरण, सूर्यमणि देवी, अंजली कुमारी, स्वाति प्रजापति, पायल कुमारी, संजना कुमारी आदि शामिल हुईं।