♦️25 हजार की इनामी निलंबित पूर्व बीएसए शालिनी श्रीवास्तव गिरफ्तार।
👉 3 माह 26 दिन बाद गिरफ्त में आईं पूर्व बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, बाबू संजीव सिंह अब भी फरार!
✍️ #देवरिया_R9 भारत/#गोरखपुर। शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण में फरार चल रहीं देवरिया की निलंबित पूर्व बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शालिनी श्रीवास्तव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन पर पहले 10 हजार फिर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। गोरखपुर की गुलरिहा पुलिस ने मंगलवार को उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि की।
🔷जानकारी के अनुसार, 22 फरवरी को गोरखपुर के गुलरिया थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद से शालिनी श्रीवास्तव लगातार फरार थीं और पुलिस को चकमा दे रही थीं। उनके खिलाफ न्यायालय से गैर-जमानती वारंट भी जारी किया गया था। पुलिस टीम को उनकी लोकेशन नई दिल्ली में मिलने के बाद लगातार निगरानी की जा रही थी। हालांकि गिरफ्तारी किस स्थान से हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
🔷आप को बता दे की कुशीनगर जिले के कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के हरैया बुजुर्ग निवासी कृष्ण मोहन सिंह गौरीबाजार विकासखंड स्थित कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय, मदरसन में सहायक अध्यापक थे। वह गोरखपुर के गुलरिहा क्षेत्र में अपने भाई के यहां रहते थे। 20 फरवरी की रात उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
🔷आत्महत्या से पहले शिक्षक ने एक सुसाइड नोट और वीडियो जारी कर बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, बीएसए कार्यालय के लिपिक संजीव सिंह समेत अन्य लोगों पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था। मामले की जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह को निलंबित कर दिया गया था।
♦️पुलिस ने पहले दोनों आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 25-25 हजार रुपये कर दिया गया। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें बलिया, प्रयागराज, लखनऊ और देवरिया समेत विभिन्न स्थानों पर लगातार दबिश दे रही थीं। एसपी सिटी गोरखपुर निमिष पाटिल ने बताया कि शालिनी श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें जल्द ही न्यायालय में पेश किया जाएगा।
👉वही इस चर्चित मामले में आरोपी बीएसए कार्यालय का लिपिक संजीव सिंह अभी भी फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
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