कथारा विद्युत सब स्टेशन कॉलोनी के निवासियों को आवास खाली करने का नोटिस, लोगों में दहशत।

बोकारो से ब्यूरो अनिल बरनवाल कि रिपोर्ट

कथारा विद्युत सब स्टेशन कॉलोनी के निवासियों को आवास खाली करने का नोटिस, लोगों में दहशत।

बोकारो जिला के कथारा विद्युत सब स्टेशन परिसर स्थित सरकारी आवासों में वर्षों से रह रहे दर्जनों परिवारों को विद्युत विभाग द्वारा सात दिनों के भीतर आवास खाली करने का नोटिस दिए जाने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। आवासों में रह रहे परिवारों के सामने आवासीय संकट खड़ा हो गया है और वे अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। विद्युत आपूर्ति अवर प्रमंडल, गोमिया के सहायक विद्युत अभियंता द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि कथारा सब स्टेशन के सरकारी आवासों में कुछ लोग अवैध रूप से निवास कर रहे हैं, जो सरकारी नियमों का उल्लंघन है। विभाग ने यह भी बताया है कि उक्त परिसर में टीआरडब्ल्यू (ट्रांसफार्मर रिपेयरिंग वर्कशॉप) का निर्माण प्रस्तावित है। इसी कारण सभी आवासों को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि नोटिस प्राप्ति के सात दिनों के भीतर संबंधित लोग सरकारी आवास खाली कर दें। निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवास खाली नहीं करने पर सरकारी संपत्ति पर अनधिकृत कब्जा करने के आरोप में नियमानुसार कानूनी एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही कार्रवाई में होने वाले सभी खर्च एवं हर्जाने की जिम्मेदारी संबंधित व्यक्तियों की होगी। जानकारी के अनुसार यह पत्र 26 मई 2026 को जारी किया गया था, जबकि कॉलोनी के अधिकांश निवासियों को यह पत्र लगभग दो दिन पूर्व प्राप्त हुआ है। बताया जाता है कि कथारा विद्युत सब स्टेशन परिसर में कुल 32 सरकारी आवास हैं। इनमें लगभग 14 आवासों में गैर-कर्मचारी परिवार निवास कर रहे हैं, जबकि एक आवास में विद्युत विभाग का कर्मचारी रह रहा है। विभाग की योजना सभी पुराने आवासों को हटाकर वहां ट्रांसफार्मर रिपेयरिंग वर्कशॉप स्थापित करने की है।
नोटिस मिलने के बाद कॉलोनी में रहने वाले परिवारों में भय और असमंजस का माहौल है। लोगों का कहना है कि वे कई वर्षों से अपने परिवार के साथ यहां रह रहे हैं और अचानक आवास खाली करने के आदेश से उनके सामने गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। समाज सेविका रीता पांडेय, प्रमोद कसेरा, दीपक प्रसाद, मधेश्वर सिंह, रेखा देवी, सरिता देवी, नाजमा खातून, मीणा देवी, रिंकी पांडे तथा ममता देवी सहित अन्य निवासियों ने कहा कि वे वर्षों से इस कॉलोनी में रह रहे हैं। अधिकांश परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं और उनके पास तत्काल कहीं और रहने की व्यवस्था नहीं है। विभाग द्वारा दिए गए अल्टीमेटम के बाद सभी लोग मानसिक तनाव में हैं। निवासियों ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि इतने कम समय में वे अपने परिवार के साथ कहां जाएं। उन्होंने राज्य सरकार और विद्युत विभाग से मानवीय आधार पर पुनर्विचार करने की मांग करते हुए कहा कि उन्हें बेघर न किया जाए तथा ट्रांसफार्मर रिपेयरिंग वर्कशॉप के लिए किसी अन्य उपयुक्त स्थान का चयन किया जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि विभाग अपने निर्णय पर पुनर्विचार नहीं करता है तो प्रभावित परिवारों के समक्ष गंभीर आवासीय संकट उत्पन्न हो सकता है। वहीं क्षेत्र के लोगों की नजर अब विभाग और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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