आखिरकार कहा जा रहा है विकास कार्यों का बजट ,पूछता है R9 BHARAT
ग्रामीणों के हक के लिए व्यवस्था से भिड़े समाज सेवी करन परमार
जीते जी पंचायत में नहीं होने दूंगा भ्रष्टाचार

धौलपुर सैंपऊ की ग्राम पंचायत नुनहेरा के विकास और गरीबों को न्याय दिलाने के लिए स्थानीय समाजसेवी करन परमार पिछले कई वर्षों से लगातार संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीणों के साथ हो रहे अन्याय और व्यवस्था की उदासीनता को देखकर उन्होंने हर पीड़ित को उसका हक दिलाने का पक्का संकल्प लिया है। करन परमार गांव के हर गरीब की छोटी-बड़ी समस्याओं के समाधान के लिए दिन-रात प्रयासरत रहते हैं, लेकिन प्रशासनिक तंत्र की लापरवाही के कारण जमीनी हालात अब भी चिंताजनक बने हुए हैं।181 और लिखित शिकायतों पर सिर्फ ‘खानापूर्ति’करन परमार ने बताया कि उन्होंने पंचायत की बदहाली, गंदगी और विकास कार्यों में ढिलाई को लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर कई बार शिकायतें दर्ज कराई हैं। इसके अलावा जिम्मेदार अधिकारियों को भी लिखित में अवगत कराया गया है। लेकिन सिस्टम की लापरवाही का आलम यह है कि अधिकारी केवल कागजी खानापूर्ति कर मामलों को बंद कर देते हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस काम नहीं किया जा रहा है। इसी कारण आज भी पंचायत में मूलभूत समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।”दबंगों और दलालों की आड़ में भ्रष्टाचार नहीं होने दूंगा”सिस्टम के ढुलमुल रवैये से नाराज करन परमार ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए कहा, “मैं जीते जी इस भ्रष्ट सिस्टम के खिलाफ अपनी ग्राम पंचायत की आवाज उठाता रहूंगा। अब दबंगों और दलालों की आड़ में सरकारी कर्मचारियों को अपनी पंचायत में भ्रष्टाचार का खेल नहीं खेलने दूंगा। “दबाने और डराने की कोशिशें होंगी नाकाम”उन्होंने साफ शब्दों में भ्रष्ट तत्वों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उन्हें डराने, धमकाने या उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की गई, तो ऐसे प्रयास पूरी तरह असफल रहेंगे। उन्होंने कहा, “हम सत्य के रास्ते पर हैं और गरीबों के हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। सच्चाई को कभी दबाया नहीं जा सकता।” करन परमार के इस हौसले और संकल्प को देख अब गांव के अन्य ग्रामीण और युवा भी उनके समर्थन में खुलकर आगे आने लगे हैं।