बोकारो से ब्यूरो अनिल बर्नवाल की रिपोर्ट
अवैध कोयला भंडारण पर CISF का बड़ा प्रहार! आधी रात को छापेमारी, 258.750 टन कोयला जब्त
अवैध कोयला भंडारण पर CISF का बड़ा प्रहार, 258 टन जब्त

अवैध कोयला भंडारण के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानी CISF की CCL करगली इकाई ने बड़ी सफलता हासिल की है। विश्वसनीय सूचना के आधार पर CISF की टीम ने 24 /25 अक्टूबर 2026 की मध्य रात्रि में छापेमारी कर गोपो महुआटाँड जंगल क्षेत्र से 258.750 टन अवैध रूप से भंडारित कोयला बरामद किया है। CISF करगली इकाई की इस बड़ी कार्रवाई के बाद बरामद कोयले को CCL रजरप्पा प्रबंधन को सौंप दिया गया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, कमांडेंट, CISF इकाई CCL करगली को सूचना मिली थी कि CCL रजरप्पा परियोजना की रजरप्पा माइन्स के निकट धोबिया गांव के समीप स्थित गोपो महुआटाँड जंगल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध कोयले का भंडारण किया गया है। सूचना की पुष्टि के उपरांत कमांडेंट के नेतृत्व में छापेमारी अभियान चलाने की योजना बनाई गई।इसके बाद 24/25 अक्टूबर 2026 की मध्य रात्रि में CISF रेड टीम, क्विक रिस्पॉन्स टीम यानी QRT एवं आसूचना कर्मियों ने पर्याप्त संख्या में बल सदस्यों तथा आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के साथ संयुक्त रूप से छापेमारी की। अभियान के दौरान संबंधित जंगल क्षेत्र से कुल 258.750 टन यानी 258 टन 750 किलोग्राम कोयला बरामद किया गया। बरामद कोयले को आवश्यक अग्रिम कार्रवाई के लिए CCL रजरप्पा प्रबंधन को सौंप दिया गया इस कार्रवाई को कोयला संपदा की सुरक्षा और अवैध कोयला भंडारण पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आपको बता दें कि MMDR एक्ट के तहत अवैध खनन पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 यानी MMDR Act खनिजों के विनियमन तथा अवैध खनन से संबंधित मामलों में लागू कानूनी कार्रवाई का प्रावधान करने वाला केंद्रीय कानून है। CISF की इस कार्रवाई से क्षेत्र में कोयला सुरक्षा व्यवस्था के प्रति सतर्कता और अवैध गतिविधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई का संदेश गया है तथा कोयला माफियाओं में भय का वातावरण बना है।*